भारत की विदेश नीति: पश्चिम एशिया से लेकर पाकिस्तान तक के मुद्दों पर स्पष्टीकरण
भारतीय विदेश मंत्रालय ने हाल ही में एक प्रेस ब्रीफिंग में कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पश्चिम एशिया की स्थिति, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर, और दक्षिण चीन सागर के मुद्दों पर भारत के रुख को स्पष्ट किया। उन्होंने खाड़ी देशों के साथ संबंधों, बांग्लादेश में विकास परियोजनाओं, और नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर भी जानकारी दी। इस ब्रीफिंग में भारत की विदेश नीति के मूल तत्वों पर जोर दिया गया, जिसमें संवाद और कूटनीति का महत्व शामिल है।
| Jul 14, 2026, 19:08 IST
भारत की विदेश नीति पर महत्वपूर्ण ब्रीफिंग
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण साझा किया। इनमें पश्चिम एशिया की स्थिति, दक्षिण चीन सागर, पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाला जम्मू-कश्मीर, खाड़ी देशों के साथ भारत के संबंध, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, नीरव मोदी का प्रत्यर्पण, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध और पासपोर्ट व्यवस्था शामिल हैं। उन्होंने बताया कि भारत की विदेश नीति संवाद, कूटनीति, अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान और वैश्विक शांति तथा स्थिरता पर आधारित है।
पश्चिम एशिया में स्थिति पर चिंता
पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए, रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि होरमुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन और व्यापारिक गतिविधियों का जारी रहना आवश्यक है, क्योंकि यह वैश्विक आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा है। हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात के निकट दो जहाजों पर हुए हमलों में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। भारत ने ईरान के उप मिशन प्रमुख को तलब कर अपनी चिंता व्यक्त की और इन हमलों की निंदा की। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के माध्यम से तनाव कम करने की अपील की।
दक्षिण चीन सागर पर भारत का रुख
दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर, प्रवक्ता ने कहा कि भारत का रुख स्पष्ट है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार नौवहन और वायुयान संचालन की स्वतंत्रता को बनाए रखना आवश्यक है। समुद्री विवादों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। उन्होंने दस वर्ष पहले दिए गए मध्यस्थ न्यायाधिकरण के फैसले को महत्वपूर्ण बताया, जो विवादों के समाधान का आधार है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में स्थिति
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शनों पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह पाकिस्तान के व्यवस्थित शोषण और प्रशासनिक दमन का परिणाम है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वह पाकिस्तान को मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराए।
खाड़ी देशों के साथ भारत के संबंध
विदेश मंत्री की हाल की खाड़ी यात्रा के दौरान, उन्होंने कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान के नेताओं से व्यापार, ऊर्जा और निवेश पर चर्चा की। ऊर्जा सुरक्षा इन चर्चाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
बांग्लादेश और अफगानिस्तान के साथ सहयोग
बांग्लादेश में भारत की विकास परियोजनाओं के संबंध में, प्रवक्ता ने कहा कि यह सहयोग आपसी परामर्श पर आधारित है। अफगानिस्तान के कृषि मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमारी की भारत यात्रा के दौरान, उन्होंने कई मंत्रियों से मुलाकात की और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए विचार विमर्श किया।
नीरव मोदी का प्रत्यर्पण
भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के संबंध में, प्रवक्ता ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया जारी है और उसके पूरा होने के बाद उसका भारत प्रत्यर्पण किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध पर भारत की प्रतिक्रिया
अमेरिका द्वारा लारेंस बिश्नोई और उसके सहयोगियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर, प्रवक्ता ने कहा कि भारत इन टिप्पणियों पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं। भारत अपने साझेदार देशों के साथ इन चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारतीय पासपोर्ट व्यवस्था
भारतीय पासपोर्ट व्यवस्था पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में, रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पासपोर्ट जारी करती है। वर्तमान में, देश के आठ प्रतिशत से कम नागरिकों के पास पासपोर्ट है।
भारत और रूस के व्यापार संबंध
प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय कंपनियां अपने कारोबार के लिए स्वतंत्र हैं और भारत कच्चे तेल का आयात करता है, जिसे रिफाइन करके घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचा जाता है।
