भारत की विदेश नीति पर महत्वपूर्ण ब्रीफिंग: अमेरिका, फ्रांस और जापान के साथ संबंधों की प्रगति

भारतीय विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अमेरिका, फ्रांस और जापान के साथ संबंधों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की विवादास्पद टिप्पणी पर भारत की संतुलित प्रतिक्रिया, द्विपक्षीय व्यापार समझौते की प्रगति, और नेपाल के साथ व्यापार संबंधों पर चर्चा की गई। जानें कैसे भारत वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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भारत की विदेश नीति पर महत्वपूर्ण ब्रीफिंग: अमेरिका, फ्रांस और जापान के साथ संबंधों की प्रगति gyanhigyan

भारत की विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक ब्रीफिंग

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में आयोजित साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर की गई विवादास्पद टिप्पणी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने संयमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने इस विषय पर आई रिपोर्टों का अवलोकन किया है, लेकिन इस पर और कुछ नहीं कहना चाहेंगे। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर भारत और चीन को अपमानजनक शब्दों में संदर्भित किया था, जिसमें आव्रजन और रोजगार से संबंधित कई विवादास्पद बातें शामिल थीं। इस बयान के बाद भारत में राजनीतिक हलचल तेज हो गई, कांग्रेस ने इसे अपमानजनक बताते हुए सरकार से कड़ा रुख अपनाने की मांग की। हालांकि, सरकार की प्रतिक्रिया संतुलित रही, विदेश मंत्रालय ने इस मामले में तीखी टिप्पणी करने से परहेज किया और केवल रिपोर्ट देखने की बात कही। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत इस मुद्दे को कूटनीतिक तरीके से संभालना चाहता है।


भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता

ब्रीफिंग में भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर भी चर्चा की गई। प्रवक्ता ने बताया कि हाल ही में भारत की एक टीम वॉशिंगटन गई थी, जहां इस समझौते पर बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और दोनों देश एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं। लक्ष्य है कि 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाया जाए।


भारत-फ्रांस संबंधों में प्रगति

इसके अलावा, भारत ने फ्रांस के साथ संबंधों में महत्वपूर्ण प्रगति का स्वागत किया है। प्रवक्ता ने बताया कि अब भारतीय नागरिकों को फ्रांस के हवाई अड्डों पर केवल हवाई मार्ग से पारगमन के लिए ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता नहीं होगी। यह व्यवस्था 10 अप्रैल 2026 से लागू होगी। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई बातचीत का परिणाम है, जिससे दोनों देशों के बीच लोगों के आवागमन में आसानी होगी।


भारत-जापान रक्षा सहयोग

भारत ने जापान द्वारा रक्षा उपकरण और तकनीक के हस्तांतरण से संबंधित नीतियों की समीक्षा का भी स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और जापान के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग उनके विशेष रणनीतिक संबंधों का महत्वपूर्ण आधार है। दोनों देश राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए तकनीकी और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमत हैं।


नेपाल के साथ व्यापार संबंध

नेपाल से जुड़े एक प्रश्न पर प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारत इस मुद्दे पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने बताया कि नेपाल सरकार भारत से खरीदे गए सामान पर सीमा शुल्क से जुड़े पहले से लागू प्रावधानों को सख्ती से लागू कर रही है। प्रवक्ता के अनुसार, नेपाल का यह कदम अनौपचारिक व्यापार और तस्करी पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल के वरिष्ठ अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि रोजमर्रा के उपयोग के लिए व्यक्तिगत सामान लेकर आने वाले आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।


यूक्रेन संकट पर भारत की नीति

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदमीर जेलेंस्की द्वारा भारत के प्रधानमंत्री से रूस के राष्ट्रपति को युद्ध रोकने के लिए कहने की अपील पर प्रवक्ता ने भारत की संतुलित नीति को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत का मानना है कि किसी भी विवाद का समाधान युद्ध नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए।


संवेदनशील मुद्दों पर भारत की नीति

कुल मिलाकर, विदेश मंत्रालय की इस ब्रीफिंग में भारत ने संवेदनशील मुद्दों पर संयम और संतुलन का परिचय दिया, साथ ही वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता भी स्पष्ट की।