भारत की प्रमुख डेयरी: अंबानी से लेकर अमिताभ तक का दूध का सफर

पुणे की भाग्यलक्ष्मी डेयरी, जो देश के कई प्रमुख हस्तियों को दूध प्रदान करती है, ने अपने स्वचालित प्रक्रिया और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के लिए एक विशेष पहचान बनाई है। डेयरी के मालिक देवेंद्र शाह ने इस व्यवसाय को 175 ग्राहकों के साथ शुरू किया था, और अब उनके पास 22,000 से अधिक ग्राहक हैं। गायों की देखभाल और दूध उत्पादन की प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाता है। जानें इस डेयरी के बारे में और कैसे यह भारत के डेयरी मार्केट में तेजी से बढ़ रहा है।
 | 
भारत की प्रमुख डेयरी: अंबानी से लेकर अमिताभ तक का दूध का सफर

डेयरी का परिचय

भारत की प्रमुख डेयरी: अंबानी से लेकर अमिताभ तक का दूध का सफर


पुणे में स्थित भाग्यलक्ष्मी डेयरी, देश के कई प्रमुख हस्तियों जैसे अंबानी परिवार, अमिताभ बच्चन, सचिन तेंदुलकर, ऋतिक रोशन और अक्षय कुमार को दूध प्रदान करती है।


डेयरी का मालिक

देवेंद्र शाह, जो खुद को देश का सबसे बड़ा ग्वाला मानते हैं, पहले कपड़े के व्यवसाय में थे। उन्होंने 175 ग्राहकों के साथ प्राइड ऑफ काउ प्रोडक्ट की शुरुआत की थी, और अब उनकी डेयरी में 22,000 से अधिक ग्राहक हैं।


गायों की नस्ल

शाह के फार्म में लगभग 4,000 डच होल्स्टीन गायें हैं, जिनकी कीमत 1.75 से 2 लाख रुपये तक होती है। वहीं, भारतीय देसी गायों की कीमत 80 से 90 हजार रुपये है।


निवेश और उत्पादन

इस डेयरी फार्म में 150 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, और यह रोजाना 25,000 लीटर दूध का उत्पादन करता है।


गायों की देखभाल

गायों के लिए रबर मैट बिछाए गए हैं, जिन्हें दिन में तीन बार साफ किया जाता है। उन्हें आरओ का पानी दिया जाता है और उनके खाने में सोयाबीन, अल्फा घास, मौसमी सब्जियां और मक्की का चारा शामिल होता है।


स्वचालित प्रक्रिया

इस फार्म में दूध निकालने से लेकर पैकिंग तक की प्रक्रिया पूरी तरह से स्वचालित है। हर गाय का वजन और तापमान चेक किया जाता है।


डिलीवरी की प्रक्रिया

डेयरी से दूध को फ्रीजिंग वैन के माध्यम से मुंबई में डिलीवर किया जाता है। डिलीवरी मैन सुबह 5:30 से 7:30 बजे तक दूध पहुंचाने का प्रयास करते हैं।


ग्राहकों की सुविधा

ग्राहकों के लिए एक लॉगिन आईडी होती है, जिससे वे अपने ऑर्डर में बदलाव कर सकते हैं।


डेयरी मार्केट का विकास

एक रिपोर्ट के अनुसार, 2020 तक भारत का डेयरी मार्केट 140 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा, जो 2013 में 70 मिलियन डॉलर था।