भारत की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नया आईईडी डेटा प्रबंधन प्रणाली
नई सुरक्षा प्रणाली का कार्यान्वयन
भारत अपनी आंतरिक सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। देश के 780 जिलों में राष्ट्रीय आईईडी डेटा प्रबंधन प्रणाली (एनआईडीएमएस) का पहला चरण लागू किया जाएगा। यह प्रणाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से संबंधित घटनाओं की निगरानी और विश्लेषण के लिए एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) द्वारा विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य आईईडी से संबंधित डेटा का व्यवस्थित संग्रह और प्रसार करना है। पहले चरण का कार्यान्वयन शुरू हो चुका है, और यह लगभग 800 अंतिम उपयोगकर्ताओं को एक सुरक्षित नेटवर्क के माध्यम से जोड़ने की योजना है।
डेटा कनेक्टिविटी और सुरक्षा
एक वरिष्ठ एनएसजी अधिकारी ने बताया कि इस प्रणाली की कनेक्टिविटी जिला स्तर तक फैली हुई है। पहले चरण में, लगभग 800 अंतिम उपयोगकर्ताओं को एनआईडीएमएस से जोड़ा जाएगा, जिसमें 780 जिले और अन्य स्थानीय इकाइयां शामिल हैं। सभी डेटा एक सुरक्षित नेटवर्क के माध्यम से साझा किया जाएगा। अधिकारी ने यह भी बताया कि एनआईडीएमएस में 1999 से अब तक के आईईडी विस्फोटों और बचाव कार्यों से संबंधित डेटा संग्रहित है, जो इसे देश के सबसे व्यापक बम संबंधी डेटाबेस में से एक बनाता है।
डेटा का एकीकरण और उपयोग
पहले विभिन्न एजेंसियों में बिखरे हुए डेटा बिंदुओं को अब एकीकृत किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य विस्फोट के बाद की जांच में सहायता करना और सुरक्षा एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना है। एनएसजी के राष्ट्रीय बम डेटा केंद्र (एनबीडीसी) ने दो दशकों से अधिक समय से आईईडी से संबंधित डेटा संकलित किया है। अधिकारी ने बताया कि अब यह संपूर्ण डेटासेट डिजिटल रूप में एनआईडीएमएस पर अपलोड किया गया है।
