भारत का रक्षा उत्पादन वित्त वर्ष 2025-26 में 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत का वार्षिक रक्षा उत्पादन वित्त वर्ष 2025-26 में 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो स्वदेशी निर्माण क्षमताओं में महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाता है। इस दौरान, भारत का रक्षा बजट भी बढ़कर 7.85 लाख करोड़ रुपये हो गया है। निजी उद्योग का योगदान भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है, जो मिलिट्री मैन्युफैक्चरिंग में उनकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। जानें इस क्षेत्र में हुई अन्य महत्वपूर्ण बढ़ोतरी के बारे में।
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भारत का रक्षा उत्पादन वित्त वर्ष 2025-26 में 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा gyanhigyan

रक्षा मंत्री का बड़ा बयान

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में घोषणा की कि भारत का वार्षिक रक्षा उत्पादन वित्त वर्ष 2025-26 में 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा देश की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमताओं में महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाता है। यह जानकारी उस समय साझा की गई जब भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने रक्षा बजट को बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये कर दिया है, जो पिछले वर्ष के 6.81 लाख करोड़ रुपये से 15.3 प्रतिशत अधिक है। इस कुल उत्पादन में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (DPSUs) और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का योगदान लगभग 76% रहा।


डिफेंस प्रोडक्शन में वृद्धि

राजनाथ सिंह ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का रक्षा उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष के 1.54 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 15.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि FY2020-21 के बाद से रक्षा उत्पादन में 110 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जब यह 84,643 करोड़ रुपये था।


पिछले दशक में चार गुना वृद्धि

राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले दस वर्षों में देश में रक्षा उत्पादन लगभग चार गुना बढ़ गया है। घरेलू रक्षा उत्पादन का मूल्य वित्त वर्ष 2013-14 में 43,746 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्तमान स्तर पर पहुंच गया है, जो भारत के रक्षा औद्योगिक आधार के विस्तार को दर्शाता है। उन्होंने इस वृद्धि का श्रेय रक्षा उत्पादन विभाग और इस क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों के सामूहिक प्रयासों को दिया।


निजी उद्योग का योगदान

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के रक्षा उत्पादन में निजी उद्योग का योगदान अब तक का सबसे अधिक रहा, जो लगभग 42,000 करोड़ रुपये था। यह मिलिट्री मैन्युफैक्चरिंग में उनकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। यह वृद्धि स्वदेशी डिज़ाइन, विकास और उत्पादन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए सरकार की निरंतर कोशिशों के बीच हुई है। घरेलू मैन्युफैक्चरिंग में वृद्धि के कारण इस वित्त वर्ष में भारत के रक्षा निर्यात को भी बढ़ावा मिला, जो रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।