भारत का पहला निजी निर्मित फुल-फ्लो स्टेज्ड कंबशन रॉकेट इंजन लॉन्च

बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीज़ ने भारत का पहला निजी निर्मित फुल-फ्लो स्टेज्ड कंबशन रॉकेट इंजन ‘एवरेस्ट’ पेश किया है। यह इंजन तरल ऑक्सीजन और मीथेन का उपयोग करता है और 800 किलोन्यूटन का थ्रस्ट उत्पन्न करता है। हालांकि, इसका परीक्षण अभी बाकी है। जानें इस नई तकनीक के महत्व के बारे में।
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भारत में नई अंतरिक्ष तकनीक का आगाज़

नई दिल्ली, 7 अगस्त: बेंगलुरु स्थित अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी स्टार्टअप ‘एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीज़’ ने शुक्रवार को भारत के पहले निजी तौर पर विकसित ‘फुल-फ्लो स्टेज्ड कंबशन’ (एफएफएससी) रॉकेट इंजन का अनावरण किया। यह एफएफएससी रॉकेट इंजन विश्व के सबसे उन्नत रॉकेट इंजनों में से एक माना जाता है, जो सभी प्रकार के प्रणोदकों का उपयोग करके उत्कृष्ट प्रदर्शन करता है। इस इंजन का नाम ‘एवरेस्ट’ रखा गया है, जो तरल ऑक्सीजन और मीथेन के संयोजन से संचालित होता है और 800 किलोन्यूटन का थ्रस्ट उत्पन्न करता है।


इसे पुनः उपयोग किए जाने वाले ‘मीडियम-लिफ्ट लॉन्च व्हीकल’ के लिए डिज़ाइन किया गया है। हालांकि, इस इंजन का परीक्षण अभी बाकी है और परीक्षण की तारीख अभी निर्धारित नहीं की गई है। कंपनी के सह-संस्थापक नीरज खंडेलवाल ने एक बयान में कहा कि ‘एवरेस्ट’ एक ऐसी औद्योगिक क्षमता की नींव है, जिसकी भारत को आने वाले वर्षों में अधिक आवश्यकता होगी।