भारत का नाम 'India' कैसे पड़ा: एक ऐतिहासिक दृष्टिकोण
भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारी
इस वर्ष, भारत अपने 75वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री लाल किले पर तिरंगा फहराएंगे और देशवासियों को संबोधित करेंगे। आजादी के समय से लेकर अब तक, हमने कई वीरों की कहानियाँ सुनी हैं जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। लेकिन आज भी कुछ सवाल हैं जो लोगों के मन में उठते हैं। एक महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि भारत को अंग्रेजी में 'India' क्यों कहा जाता है।
भारत का नाम 'India' कैसे बना?
भारत का प्राचीन नाम आर्यावर्त था, जो ऋषियों के समय में प्रचलित था। लेकिन जब अंग्रेजों ने यहाँ शासन किया, तो उन्होंने इस नाम का उपयोग नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने इसे अपनी सुविधा के अनुसार बदल दिया। कुछ ने इसे 'सिंधु' कहा, जबकि अन्य ने 'हिंदुस्थान' का प्रयोग किया। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का नाम 'India' या 'हिंदुस्तान' बनाने के पीछे दो मुख्य स्रोत थे: ईरानी और यूनानी। ईरानी भाषा में 'सिंधु' का रूपांतरण 'हिंदू' के रूप में हुआ, जिससे 'हिंदुस्तान' बना। वहीं, यूनानी में 'ए' से 'इंडो' या 'इंडोस' बना। यह 'A' शब्द लैटिन में पहुंचा और इसी से 'India' का निर्माण हुआ।
हालांकि, यह नाम पहले सर्वमान्य नहीं था। जब अंग्रेज भारत आए, तो उन्होंने इसे 'India' कहना शुरू किया और धीरे-धीरे यहाँ के लोग भी इसे इसी नाम से पुकारने लगे। इस प्रकार, भारत का अंग्रेजी नाम 'India' बन गया। यदि हम तर्क करें, तो 'हिंदुस्तान' और 'India' जैसे नामों का श्रेय ईरानी और यूनानी सभ्यताओं को जाता है, क्योंकि जब अंग्रेज व्यापार के लिए आए, तो उनके साथ अन्य देशों के लोग भी आए, जिनमें इरानी और यूनानी शामिल थे।
