भारत का 78वां सेना दिवस: गर्व और सम्मान का प्रतीक
सेना दिवस का महत्व
भारत आज, 15 जनवरी 2026 को अपना 78वां भारतीय सेना दिवस मना रहा है। यह दिन हर भारतीय के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर पर भारतीय सेना की सराहना करते हुए कहा कि हमारे सैनिक निस्वार्थ सेवा का उदाहरण पेश करते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी देश की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्प के साथ खड़े रहते हैं।
प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा, "दुर्गम स्थानों से लेकर बर्फीली चोटियों तक, हमारी सेना का साहस और पराक्रम हर भारतीय को गर्वित करता है। सीमा की सुरक्षा में तैनात जवानों का दिल से अभिनंदन!" उन्होंने यह भी कहा कि देश उन बहादुरों को श्रद्धांजलि देता है जिन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।
सेना दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
15 जनवरी को फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा के भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बनने की याद में मनाया जाता है। उन्होंने 1949 में ब्रिटिश जनरल सर एफआरआर बुचर की जगह ली थी।
सेना दिवस 2026 की विशेषताएं
परेड का स्थान (जयपुर): इस वर्ष की मुख्य सेना दिवस परेड जयपुर (राजस्थान) में आयोजित की जा रही है। यह परंपरा है कि परेड को दिल्ली से बाहर विभिन्न स्थानों पर ले जाया जाता है ताकि जनता सेना के शौर्य को देख सके।
इस साल की थीम (थीम): 2026 को सेना "नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिकिटी का साल" के रूप में मना रही है, जो दर्शाता है कि हमारी सेना तकनीक और डिजिटल नेटवर्किंग में और अधिक आधुनिक हो रही है।
शौर्य कथा: जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में शाम को एक विशेष कार्यक्रम होगा, जिसमें 1,000 से अधिक डूबे लोगों के साथ 'ड्रोन शो' और युद्ध कलाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
सम्मान: इस दिन थल सेना प्रमुख को 'सेना मेडल' और वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है।
