भारत और भूटान के बीच जल संसाधन सहयोग की समीक्षा

भारत और भूटान ने जल संसाधन क्षेत्र में अपने सहयोग की समीक्षा की है। इस बैठक में बाढ़ प्रबंधन, नदी प्रबंधन और जलविद्युत परियोजनाओं पर चर्चा की गई। दोनों देशों ने सतत जल संसाधन प्रबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने पर सहमति जताई। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के बारे में और क्या निर्णय लिए गए।
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जल संसाधन क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग

नई दिल्ली, 7 अगस्त: भारत और भूटान ने शुक्रवार को जल संसाधनों के क्षेत्र में अपने सहयोग की समीक्षा की। इस बैठक में सीमा-पार नदी प्रबंधन, बाढ़ पूर्वानुमान और प्रबंधन, जल विज्ञान से संबंधित डेटा, और अन्य आपसी हितों पर चर्चा की गई। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ये विषय केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और भूटान के ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री ल्योनपो जेम शेरिंग के बीच आयोजित उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक में उठाए गए।


बैठक के दौरान, मंत्रियों ने भारत सरकार के सहयोग से भूटान में चल रही ‘पुनात्सांगचू-1’ जलविद्युत परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और इसके शीघ्र कार्यान्वयन के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की। बयान में यह भी कहा गया कि दोनों पक्षों ने सीमा पार जल संसाधनों के सतत और पारस्परिक रूप से लाभकारी प्रबंधन के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया। इसके साथ ही, निरंतर तकनीकी सहयोग, आपसी विश्वास और नियमित संवाद के माध्यम से जल संसाधन क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी।