भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों पर महत्वपूर्ण चर्चा
अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने भारत में पीयूष गोयल के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण चर्चा की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण पर चर्चा हुई। अमेरिकी न्यायालय के हालिया फैसले ने स्थिति को जटिल बना दिया है, जिससे व्यापारिक संबंधों पर प्रभाव पड़ सकता है। जानें इस बैठक के प्रमुख बिंदु और भविष्य की संभावनाएँ।
| Feb 26, 2026, 18:32 IST
भारत में अमेरिकी वाणिज्य मंत्री की महत्वपूर्ण यात्रा
अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने आज भारत का दौरा किया, जहां उन्होंने नई दिल्ली में भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस अवसर पर भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी उपस्थित थे। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा हुई।
सार्थक बातचीत और सकारात्मक परिणाम
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए कहा कि बातचीत बहुत ही सार्थक रही। दोनों पक्षों ने व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए सकारात्मक विचार-विमर्श किया। सर्जियो गोर ने भी इस बैठक को अत्यंत उपयोगी बताते हुए इसे दोनों देशों के सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना।
व्यापार समझौते की प्रक्रिया में बदलाव
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं। इस सप्ताह दोनों देशों के मुख्य वार्ताकारों की वाशिंगटन में बैठक प्रस्तावित थी, जहां अंतरिम समझौते को औपचारिक रूप देने पर चर्चा होनी थी। हाल ही में अमेरिकी उच्चतम न्यायालय द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापक शुल्क आदेश को निरस्त किए जाने के बाद स्थिति में नया मोड़ आया है।
अमेरिकी न्यायालय का निर्णय और उसके प्रभाव
अमेरिकी न्यायालय ने 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपात आर्थिक शक्तियां अधिनियम के तहत लगाए गए शुल्कों को अवैध ठहराया, जिससे ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीति को झटका लगा है। इसके बाद अमेरिका सरकार ने सभी देशों पर 150 दिन के लिए 10 प्रतिशत शुल्क लागू करने की घोषणा की है, जिसे बाद में 15 प्रतिशत तक बढ़ाने का संकेत भी दिया गया है।
भविष्य की व्यापारिक चुनौतियाँ
अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत का जवाबी शुल्क लगाया था, जिससे भारतीय निर्यातकों पर दबाव बढ़ा। इस पृष्ठभूमि में, फरवरी में दोनों देशों ने एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए रूपरेखा पर सहमति जताई थी। हालांकि, न्यायालय के हालिया फैसले के बाद भारत ने वाशिंगटन जाने वाले अपने प्रतिनिधिमंडल की यात्रा स्थगित कर दी है।
आगे की दिशा
विश्लेषकों का मानना है कि नई परिस्थिति में भारत अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों को बनाए रखने का प्रयास करेगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि न्यायालय के फैसले के पूर्ण प्रभाव पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।
संवाद की आवश्यकता
पीयूष गोयल और लुटनिक की ताजा बैठक से यह स्पष्ट होता है कि दोनों देश अस्थिर वैश्विक व्यापार माहौल के बीच संवाद को जारी रखना चाहते हैं। आने वाले सप्ताहों में यह देखना होगा कि अमेरिकी न्यायालय के फैसले के बाद अंतरिम समझौते को किस स्वरूप में आगे बढ़ाया जाता है।
