भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर महत्वपूर्ण चर्चा
दिल्ली में भारत और अमेरिका के विदेश मंत्रियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत की सराहना की और दोनों देशों के बीच की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस बातचीत में वैश्विक स्तर पर सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा की गई। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस संवाद को खुला और सार्थक बनाने का आश्वासन दिया।
| May 24, 2026, 13:31 IST
दिल्ली में हुई महत्वपूर्ण बैठक
दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच एक महत्वपूर्ण प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा की गई।
पहले दिन की बातचीत का सकारात्मक अनुभव
बैठक के दौरान, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत की सराहना करते हुए कहा, "भारत यात्रा का पहला दिन अद्भुत रहा है। हम आज की मुलाकातों और चर्चाओं के लिए उत्सुक हैं। अमेरिका और भारत केवल सहयोगी नहीं हैं, बल्कि हम रणनीतिक साझेदार भी हैं, और यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है। वैश्विक सहयोग के लिए हमारे पास कई अवसर हैं।"
दो लोकतंत्रों की मजबूत साझेदारी
मार्को रूबियो ने भारत और अमेरिका के बीच के मजबूत संबंधों पर जोर देते हुए कहा, "हमारे पास चर्चा के लिए कई मुद्दे हैं। हम दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं, और यही हमारे सहयोग का आधार है। हमारे साझा हित इतने गहरे हैं कि इस साझेदारी को आगे बढ़ाना समझदारी का कदम है। यह एक नई शुरुआत नहीं है, बल्कि पहले से मजबूत रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करना है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रिश्तों में से एक है।"
वैश्विक स्तर पर संबंधों की गहराई
इस प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय बातचीत में, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी दोनों देशों के संबंधों को वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, "भारत और अमेरिका के बीच एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है, जिसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ता है। कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर हमारे विचार और हित एक-दूसरे से मेल खाते हैं।"
खुले और सार्थक संवाद का आश्वासन
विदेश मंत्री जयशंकर ने दोनों देशों के पुराने और मजबूत रिश्तों पर विश्वास जताते हुए कहा, "मैं इस बातचीत का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। वर्तमान समय चुनौतीपूर्ण है, लेकिन एक मजबूत और विश्वसनीय साझेदार के रूप में, मुझे विश्वास है कि हमारी बातचीत खुली, स्पष्ट और सार्थक होगी।"
