भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा और रक्षा सहयोग को नई दिशा मिली

भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी की हालिया अमेरिका यात्रा ने दोनों देशों के बीच सामरिक और ऊर्जा संबंधों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने पर जोर दिया गया। जानें इस यात्रा के दौरान हुई चर्चाओं और समझौतों के बारे में, जो भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को और मजबूत करेंगे।
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भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा और रक्षा सहयोग को नई दिशा मिली gyanhigyan

भारत के विदेश सचिव की अमेरिका यात्रा

भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी की हालिया तीन दिवसीय यात्रा ने भारत और अमेरिका के बीच सामरिक और ऊर्जा संबंधों को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। इस यात्रा के दौरान, परमाणु ऊर्जा, रक्षा सहयोग और व्यापार के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।


भारतीय दूतावास ने जानकारी दी कि यात्रा के समापन पर मिसरी और ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट के बीच बातचीत में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार को बढ़ाने और भारत-अमेरिका ऊर्जा साझेदारी के नए अवसरों की पहचान पर जोर दिया गया।


दूतावास ने बताया, 'विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट से मुलाकात की। चर्चा का मुख्य विषय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार को गहरा करना रहा।' इस बैठक में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका, असैन्य परमाणु सहयोग, कोयला गैसीकरण और अमेरिकी एलपीजी निर्यात जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग के लिए तत्पर है।


गोर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, 'शुक्रवार को ऊर्जा मंत्री राइट और विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ अमेरिका-भारत ऊर्जा सहयोग के भविष्य पर चर्चा करना सुखद रहा। भारत द्वारा शांति विधेयक पारित किए जाने के बाद हम असैन्य परमाणु क्षेत्र में सहयोग के लिए तैयार हैं।'


भारत का 'सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी एक्ट' (शांति अधिनियम) असैन्य परमाणु क्षेत्र में सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है। यह कानून पिछले दिसंबर से लागू हुआ है, जिसने इस क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोला है।


मिसरी मंगलवार रात अमेरिका पहुंचे और इस दौरान उन्होंने रक्षा, वाणिज्य और विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने बृहस्पतिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी चर्चा की।


इस बीच, भारतीय वायु सेना के प्रमुख ए पी सिंह भी अमेरिका की यात्रा पर थे और उन्होंने कोलोराडो स्प्रिंग्स स्थित पीटरसन स्पेस फोर्स बेस का दौरा किया।


भारतीय वायु सेना ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'उन्होंने ग्रेगरी एम गिलोट (अमेरिकी उत्तरी कमान के कमांडर) के साथ अभियान संबंधी जटिल पहलुओं पर सार्थक विचार-विमर्श किया, जो बढ़ती साझेदारी की मजबूती को दर्शाता है।'


गोर ने अमेरिकी उप रक्षा मंत्री स्टीव फाइनबर्ग और सेना सचिव डैन ड्रिस्कॉल के साथ भी चर्चा की। उन्होंने कहा, 'अमेरिका और भारत के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है, जिससे दोनों देशों की सुरक्षा और मजबूती में वृद्धि हो रही है।'


गोर ने जनवरी में नई दिल्ली यात्रा के बाद से अमेरिका-भारत संबंधों की गति पर डैन ड्रिस्कॉल के साथ चर्चा की। उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्रालय में वैश्विक सार्वजनिक मामलों के सहायक मंत्री डिलन जॉनसन और विदेश विभाग के सलाहकार माइकल नीडहम से भी मुलाकात की।


गोर ने कहा, 'वाशिंगटन डीसी की यात्रा को अपने मित्रों डिलन जॉनसन और माइकल नीडहम से मिले बिना समाप्त नहीं कर सकता था। दोनों अमेरिका को अधिक मजबूत, सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए काम कर रहे हैं।'