भारत-इंडोनेशिया संबंधों में नई दिशा: विदेश मंत्री जयशंकर का बड़ा ऐलान

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंधों को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना साझा की है। नई दिल्ली में आयोजित '8वीं इंडिया-इंडोनेशिया जॉइंट कमीशन मीटिंग' में, उन्होंने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस बैठक में रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रयासों पर विशेष ध्यान दिया गया। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के बारे में और कैसे यह दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करेगा।
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भारत-इंडोनेशिया संबंधों में नई दिशा: विदेश मंत्री जयशंकर का बड़ा ऐलान gyanhigyan

भारत और इंडोनेशिया के बीच नई साझेदारी

भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों को एक नई दिशा देने के लिए, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना साझा की। नई दिल्ली में आयोजित '8वीं इंडिया-इंडोनेशिया जॉइंट कमीशन मीटिंग' में इंडोनेशियाई प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए, जयशंकर ने बहुक्षेत्रीय सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया।


गणतंत्र दिवस यात्रा से मिली संबंधों को नई गति

बैठक के दौरान, विदेश मंत्री ने याद किया कि 2025 में भारत के 76वें गणतंत्र दिवस पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो मुख्य अतिथि के रूप में भारत आएंगे। उन्होंने कहा, "पिछले वर्ष राष्ट्रपति प्रबोवो की राजकीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके बीच महत्वपूर्ण बातचीत हुई थी। इस ऐतिहासिक दौरे ने हमारी रणनीतिक साझेदारी को नई गति दी है।"


रक्षा, सुरक्षा और व्यापार पर विशेष ध्यान

इंडोनेशियाई विदेश मंत्री सुगियोनो के साथ चर्चा के दौरान, जयशंकर ने बताया कि इस उच्च स्तरीय वार्ता में द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा, "आज की बातचीत में राजनीतिक संबंधों के साथ-साथ रक्षा, सुरक्षा, समुद्री व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य सुरक्षा, पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की जाएगी।"


आतंकवाद के खिलाफ साझा जंग और क्षेत्रीय भू-राजनीति

भारत और इंडोनेशिया, दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों के रूप में, 2018 में 'कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' का दर्जा मिलने के बाद से अपने संबंधों को मजबूत कर रहे हैं। दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं, जिसका उदाहरण अगस्त 2024 में जकार्ता में हुई जॉइंट वर्किंग ग्रुप की बैठक में देखने को मिला। यह द्विपक्षीय बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश 'ASEAN-इंडिया कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' जैसी महत्वपूर्ण पहलों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।