भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर किया तीखा हमला, कहा अलगाववाद का प्रतीक
भाजपा के प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए उन्हें भारतीय राजनीति में अलगाववाद का प्रतीक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का राजनीतिक दृष्टिकोण चुनावी लाभ के अनुसार बदलता है। इसके अलावा, उन्होंने भाजपा की तमिल संस्कृति और पहचान के प्रति प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और भाजपा की प्रतिक्रिया।
| Jan 14, 2026, 15:50 IST
भाजपा प्रवक्ता का राहुल गांधी पर आरोप
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कड़ा हमला करते हुए कहा कि वे भारतीय राजनीति में अलगाववाद का एक स्पष्ट उदाहरण हैं। नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुरु प्रकाश ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे राजनीतिक लाभ के लिए क्षेत्रीयता, जातिवाद और भाषाई कट्टरता का सहारा लेते हैं, जो राष्ट्रीय एकता और शांति के लिए खतरा है।
राहुल गांधी की राजनीतिक रणनीति पर सवाल
गुरु प्रकाश ने आगे कहा कि राहुल गांधी का राजनीतिक दृष्टिकोण हर राज्य में बदलता रहता है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि उन्हें चुनावी लाभ किससे मिलेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब राहुल बिहार में होते हैं, तो जाति के नाम पर उन्माद फैलाने की कोशिश करते हैं, और जब तमिलनाडु में होते हैं, तो वहां की पहचान के नाम पर नकारात्मक राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी भारतीय राजनीति में अलगाववाद का एक सटीक उदाहरण हैं और उन्हें इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए।"
तमिल मुद्दों पर भाजपा की प्रतिबद्धता
राहुल गांधी की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, गुरु प्रकाश ने सवाल उठाया कि क्या वे हमें कोई प्रमाण पत्र देंगे? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह दावा करने का कोई अधिकार नहीं है कि भाजपा तमिल आवाज को दबा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने तमिल संस्कृति, भाषा और पहचान को हमेशा महत्व दिया है।
भाजपा की तमिल पहचान के प्रति संवेदनशीलता
गुरु प्रकाश ने कहा कि आप राजनीति की बात कर रहे हैं। इतिहास गवाह है कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिल भाषा और संस्कृति के प्रति जो संवेदनशीलता दिखाई है, वह अभूतपूर्व है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी तमिल पहचान का सम्मान किया है।
