भाजपा ने फैज-ए-इलाही मस्जिद को लेकर उठे विवाद का किया खंडन
दिल्ली में मस्जिद के पास तोड़फोड़ का विवाद
दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में ऐतिहासिक फैज-ए-इलाही मस्जिद के निकट तोड़फोड़ की घटनाओं को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्ष और आलोचकों के उन आरोपों का सख्त खंडन किया है, जिनमें मस्जिद को ध्वस्त करने का आरोप लगाया गया था। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता द्वारा किए गए दावे का वीडियो साझा करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा और इसे 'रावलपिंडी गठबंधन' करार दिया।
पूनावाला ने इन आरोपों को 'फर्जी, दुष्प्रचार और उकसावा' बताते हुए पूरी तरह से खारिज कर दिया और कहा कि मस्जिद को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया गया है।
यह विवाद दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश पर मस्जिद के पास स्थित अनधिकृत व्यावसायिक ढांचों को हटाने के अभियान से उपजा है। दिल्ली सरकार के मंत्रियों और पुलिस अधिकारियों ने बार-बार स्पष्ट किया है कि मस्जिद पूरी तरह सुरक्षित है। दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने पत्रकारों से कहा कि फैज़-ए-इलाही मस्जिद को कोई क्षति नहीं हुई है।
पूनावाला ने कहा कि यह स्पष्ट हो गया है कि एक वैध अतिक्रमण-विरोधी कार्रवाई को धार्मिक संरचना पर हमले के रूप में चित्रित करने के लिए जानबूझकर झूठी कहानी फैलाई गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि अदालत के आदेशों के तहत केवल अवैध अतिक्रमणों को हटाया गया था।
उन्होंने यह भी कहा कि फैज़-ए-इलाही मस्जिद को ध्वस्त करने या मुसलमानों को निशाना बनाने के बारे में फैलाई जा रही सभी झूठी बातें पूरी तरह से बेनकाब हो गई हैं। पूनावाला ने आरोप लगाया कि यह दुष्प्रचार अभियान सुनियोजित था और कहा कि पाकिस्तान ने इस कहानी को अपनाया और इसे स्वीकार किया।
