भागलपुर में नगर परिषद कार्यालय में फायरिंग, ईओ की मौत और सभापति घायल

भागलपुर के सुलतानगंज नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार को दिनदहाड़े फायरिंग की घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की मौत हो गई, जबकि सभापति राजकुमार गुड्डू गंभीर रूप से घायल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने बिना चेतावनी के फायरिंग की। पुलिस ने मामले की जांच के लिए कई टीमें गठित की हैं और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। यह घटना जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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भागलपुर में नगर परिषद कार्यालय में फायरिंग, ईओ की मौत और सभापति घायल gyanhigyan

भागलपुर में हुई फायरिंग की घटना

भागलपुर में नगर परिषद कार्यालय में फायरिंग, ईओ की मौत और सभापति घायल


भागलपुर समाचार: बिहार के भागलपुर जिले में मंगलवार को एक चौंकाने वाली घटना घटी, जब सुलतानगंज नगर परिषद कार्यालय में दिन के समय अंधाधुंध फायरिंग की गई। इस हमले में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की जान चली गई, जबकि सभापति राजकुमार गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।


वारदात का विवरण

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नगर परिषद कार्यालय में डाक प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान, 3 से 5 हमलावर बुलेट मोटरसाइकिल पर आए और सीधे कार्यालय में घुस गए। उन्होंने बिना किसी चेतावनी के ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बताया गया है कि 2 से 4 राउंड गोलियां चलाई गईं। फायरिंग होते ही वहां भगदड़ मच गई। ईओ और सभापति दोनों को गोली लगी, जिन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया।


पुलिस की प्रतिक्रिया

सिटी डीएसपी अजय कुमार चौधरी ने जानकारी दी कि मामले की जांच के लिए कई टीमें बनाई गई हैं और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही मौत की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। एसएसपी प्रमोद यादव के अनुसार, हमलावर सीधे सभापति के पास पहुंचे और गोली चलाई। कार्यपालक पदाधिकारी ने साहस दिखाते हुए उनका विरोध किया, जिसके चलते उन्हें भी गोली लगी। सभापति की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।


जांच और कार्रवाई की स्थिति

पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया है और 3-4 विशेष टीमें आरोपियों की खोज में जुटी हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो संदिग्धों की पहचान की गई है। विभिन्न स्थानों पर छापेमारी जारी है। प्रारंभिक जांच में यह मामला आपसी रंजिश से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। इस दिनदहाड़े सरकारी कार्यालय में हुई घटना ने जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।