भदोही में एआई से ब्लैकमेलिंग का मामला: दो भाई गिरफ्तार
भदोही में साइबर अपराध का मामला
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि दोनों भाई इसी तरीके से कई अन्य महिलाओं को भी निशाना बना चुके हैं और ब्लैकमेलिंग के माध्यम से लाखों रुपये वसूल चुके हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
महिला को ब्लैकमेल करने का मामला
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक साइबर कैफे के संचालक और उसके भाई पर एक 25 वर्षीय महिला की अश्लील तस्वीरें बनाकर उसे ब्लैकमेल करने का आरोप लगा है। पुलिस ने शनिवार को इस मामले की जानकारी दी। आरोपियों की पहचान घोसिया क्षेत्र में साइबर कैफे चलाने वाले तालिब और उसके भाई रफीक के रूप में हुई है।
धमकी देकर पैसे मांगने का आरोप
दोनों पर महिला को उसकी मॉर्फ्ड तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर 50 हजार रुपये मांगने का आरोप है। जांचकर्ताओं के अनुसार, तालिब ने महिला से इंस्टाग्राम पर बातचीत शुरू की थी। महिला द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों का उपयोग करते हुए उसने कथित तौर पर एआई की मदद से अश्लील तस्वीरें बनाई और उन्हें महिला को भेजकर पैसे की मांग की।
पति को भेजी गईं मॉर्फ्ड तस्वीरें
महिला ने तस्वीरें वायरल होने के डर से ज्ञानपुर में आरोपियों को 50 हजार रुपये दिए। पुलिस के अनुसार, इसके बाद अप्रैल में आरोपियों ने फिर से महिला से संपर्क किया और उसके ससुराल का पता लगाकर मॉर्फ्ड तस्वीरें उसके पति के फोन पर भेज दीं। आरोप है कि उन्होंने पुराने चैट और फर्जी तस्वीरें सार्वजनिक कर उसकी शादीशुदा जिंदगी को खराब करने की धमकी देकर और पैसे मांगे।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
महिला की शादी 8 फरवरी 2025 को वाराणसी में हुई थी। इसके बाद महिला के पिता ने 13 मई को पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी, जिसके बाद शुक्रवार को पुलिस ने आरोपियों के घर पर छापा मारा। हालांकि, दोनों आरोपी फरार मिले। दोनों भाइयों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) के तहत जबरन वसूली और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
एक और मामला: लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर की गिरफ्तारी
लखनऊ विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर को छात्रा से अभद्रता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने कथित तौर पर छात्रा से फोन पर अश्लील बातचीत की और परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक कराने का लालच देकर उसे फंसाने की कोशिश की। आरोपी की पहचान जूलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर परमजीत सिंह के रूप में हुई है।
