ब्रजेश पाठक की पत्रकारिता से यूपी की सियासत में हलचल

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की पत्रकारिता ने हाल ही में राजनीतिक हलचल पैदा की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर तीन नेताओं के साथ इंटरव्यू साझा किए हैं, जिसमें उन्होंने अखिलेश यादव के पिछड़ा प्रेम पर सवाल उठाए हैं। इस पर यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पाठक का यह नया अंदाज भाजपा के सोशल मीडिया प्रचार को नई ऊर्जा दे रहा है। जानें इस बहस का क्या असर होगा और यूपी की सियासत में आगे क्या होगा।
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ब्रजेश पाठक की पत्रकारिता से यूपी की सियासत में हलचल gyanhigyan

ब्रजेश पाठक की पत्रकारिता पर चर्चा

उत्तर प्रदेश की राजनीति में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की पत्रकारिता ने हाल ही में ध्यान आकर्षित किया है। पिछले कुछ हफ्तों में, उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तीन नेताओं के साथ बातचीत के वीडियो साझा किए हैं। इन इंटरव्यूज को वॉक एंड टॉक और पॉडकास्ट की शैली में प्रस्तुत किया गया है। डिप्टी सीएम की इस पत्रकारिता की भूमिका शायद अखिलेश यादव को पसंद नहीं आ रही है।

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इसकी एक मुख्य वजह यह है कि पाठक ने पीडीए पर तीखा हमला किया है। डिप्टी सीएम और मंत्री नरेंद्र कश्यप के इंटरव्यू की भी काफी चर्चा हो रही है। आइए, समझते हैं कि इस इंटरव्यू में क्या खास है और अखिलेश यादव को इससे क्यों परेशानी हो रही है।

पॉडकास्ट में मंत्री नरेंद्र कश्यप के साथ चर्चा

गुरुवार को, ब्रजेश पाठक ने अपने आवास पर पिछड़ा कल्याण विभाग के मंत्री और ओबीसी नेता नरेंद्र कश्यप के साथ पॉडकास्ट स्टाइल में इंटरव्यू किया। इस बातचीत में पाठक ने अखिलेश यादव के पिछड़ा प्रेम पर सवाल उठाए। कश्यप ने आरोप लगाया कि यादव का पीडीए केवल एक जाति और उनके परिवार तक सीमित है। पाठक के एक सवाल का जवाब देते हुए कश्यप ने कहा कि यादव केवल वोट बैंक के लिए पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और दलितों के कल्याण की बात करते हैं।

अखिलेश यादव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि जो स्वास्थ्य मंत्री के रूप में असफल रहे, वे अब पत्रकार बन गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता बिजली और गर्मी में परेशान है, जबकि भाजपा के मंत्री इंटरव्यू कर रहे हैं।

पाठक का जवाब: पत्रकारों का अपमान न करें

अखिलेश के तंज का जवाब देते हुए ब्रजेश पाठक ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि पत्रकार होना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि संवाद करना हमारी परंपरा है और पत्रकारों को खलिहर बताना सभी मेहनतकशों का अपमान है।

उन्होंने यह भी कहा कि वह एक स्वास्थ्य मंत्री के रूप में लोक स्वास्थ्य को बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं और संवाद के माध्यम से अपने कर्तव्यों को निभा रहे हैं।

केशव मौर्या के साथ वॉक एंड टॉक

ब्रजेश पाठक ने इससे पहले भी दो नेताओं के साथ बातचीत की थी। 1 मई 2026 को, उन्होंने कुशीनगर में एक कैजुअल वीडियो साझा किया, जिसमें वह और उपमुख्यमंत्री केशव मौर्या पार्क में टहलते हुए भगवान बुद्ध के जीवन पर चर्चा कर रहे थे। इस वीडियो पर भी अखिलेश यादव ने तंज कसा था।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ब्रजेश पाठक ओबीसी और पिछड़े वर्गों के बीच भाजपा की स्थिति को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। पाठक का यह नया अंदाज भाजपा के सोशल मीडिया प्रचार को नई ऊर्जा दे रहा है, जबकि सपा इसे सरकार की नाकामी छिपाने की कोशिश मान रही है। यूपी की सियासत में संवाद की यह बहस फिर से गर्म हो गई है। अब देखना यह है कि यह बहस आगे किस दिशा में जाती है।