बोलीविया में किताबें पढ़ने से कम होती है कैदियों की सजा
किताबें पढ़ने का अनोखा कार्यक्रम
जब भी कोई अपराध होता है, पुलिस उस अपराधी को जेल में डाल देती है। अपराध की गंभीरता के आधार पर सजा का निर्धारण किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा देश है जहां कैदियों को किताबें पढ़ने पर उनकी सजा में कमी मिलती है? यह देश है बोलीविया।
बोलीविया की जेलों में कैदियों को किताबें पढ़ने पर सजा में छूट मिलती है। इस पहल को 'बुक्स बिहाइंड बार्स' नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य है कि कैदी किताबें पढ़ें, अपनी सजा कम करें और फिर खुशी-खुशी बाहर निकलें।
इस कार्यक्रम का एक और महत्वपूर्ण लक्ष्य साक्षरता को बढ़ावा देना है। बोलीविया की जेलों में न तो मौत की सजा है और न ही उम्रकैद। जो कैदी अधिक किताबें पढ़ते हैं, उन्हें सजा पूरी करने से पहले रिहा किया जा सकता है।
हालांकि, यहां के अधिकांश कैदी पढ़े-लिखे नहीं होते, इसलिए उनके लिए किताबें पढ़ना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यह कार्यक्रम ब्राज़ील में चलाए गए एक समान कार्यक्रम से प्रेरित है, और कई कैदी इसका लाभ उठा चुके हैं।
