बोनी कपूर और श्रीदेवी के रिश्ते का दर्दनाक सच: मोना शौरी की कहानी

फिल्मी दुनिया में रिश्तों की जटिलता को दर्शाते हुए, बोनी कपूर ने मोना शौरी को श्रीदेवी के लिए छोड़ दिया। जसपिंदर नरूला ने मोना के दर्दनाक अनुभव को साझा किया, जब उन्होंने पहली बार श्रीदेवी और बोनी के रिश्ते के बारे में जाना। जानें कैसे मोना ने अपने बच्चों की परवरिश की और बोनी ने मोना को सच बताने का तरीका क्या था। यह कहानी आपको भावनात्मक रूप से छू लेगी।
 | 
बोनी कपूर और श्रीदेवी के रिश्ते का दर्दनाक सच: मोना शौरी की कहानी gyanhigyan

फिल्मी दुनिया में रिश्तों की जटिलता

फिल्म उद्योग में ऐसे कई सितारे हैं जिन्होंने अपने जीवनसाथी को किसी और के लिए छोड़ दिया है। इनमें से एक हैं बोनी कपूर, जिन्होंने मोना शौरी से शादी की थी और उनके दो बच्चे अर्जुन कपूर और अंशुला कपूर हैं। लेकिन, बाद में उनकी जिंदगी में श्रीदेवी आईं और उन्होंने मोना को छोड़ दिया। इस निर्णय का मोना पर गहरा प्रभाव पड़ा। हाल ही में, गायक जसपिंदर नरूला ने उस दिन का किस्सा साझा किया जब मोना को पहली बार श्रीदेवी और बोनी कपूर के रिश्ते के बारे में पता चला था।


जुदाई फिल्म के दौरान मोना का दर्द

यह कहानी फिल्म 'जुदाई' की है, जिसमें श्रीदेवी, अनिल कपूर और उर्मिला मातोंडकर मुख्य भूमिका में थे। जसपिंदर नरूला ने इस फिल्म के गाने 'मुझे एक पल चैन न आए' को गाया था। इस दौरान मोना को श्रीदेवी और बोनी कपूर के रिश्ते की जानकारी हो चुकी थी। जसपिंदर ने एक हालिया इंटरव्यू में बताया कि मोना ने उन्हें अपने दर्द के बारे में बताया था।


सीढ़ी पर बैठकर रो रही थीं मोना

जसपिंदर ने कहा, 'मैंने श्रीदेवी से कुछ बार ही मुलाकात की थी, लेकिन मोना कपूर की करीबी दोस्त होने के नाते, मुझे उनके दर्द का एहसास हुआ। जब गाना रिकॉर्ड हो रहा था, मोना बहुत दुखी थीं। उन्होंने मुझसे कहा कि जब मैं गाना गा रही थी, वह सीढ़ी पर बैठकर रो रही थीं।' यह एक भावनात्मक क्षण था, जब एक का घर बन रहा था और दूसरे का टूट रहा था।


बोनी कपूर का मोना को सच बताने का तरीका

बोनी कपूर ने पहले बताया था कि उन्होंने मोना को अपने और श्रीदेवी के रिश्ते के बारे में कैसे बताया। उन्होंने एक यूट्यूब चैनल पर कहा था, 'मैंने अपनी पहली पत्नी को सब सच बता दिया था।' उन्होंने मोना को बताया कि दोनों अंगूठियां उसने ही खरीदी थीं। इस खुलासे के बाद मोना ने अपने बच्चों की परवरिश बिना किसी नफरत के की।