बेंगलुरु में धार्मिक शोभायात्रा पर पत्थरबाजी, पुलिस ने की कार्रवाई

बेंगलुरु के जगजीवन राम नगर में एक हिंदू धार्मिक शोभायात्रा पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई है, जिसमें दो महिलाएं घायल हो गईं। पुलिस ने नाबालिगों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है। स्थानीय निवासियों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। गृह मंत्री ने कहा कि कानूनी कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है। इस घटना ने इलाके में धार्मिक तनाव को बढ़ा दिया है।
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बेंगलुरु में धार्मिक शोभायात्रा पर पत्थरबाजी, पुलिस ने की कार्रवाई

बेंगलुरु में धार्मिक कार्यक्रम पर हमला

बेंगलुरु के जगजीवन राम नगर में एक हिंदू धार्मिक जुलूस के दौरान कुछ बदमाशों ने पत्थर फेंके, जिसके बाद भक्तों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने बताया कि जब श्रद्धालु जुलूस निकाल रहे थे, तब हमलावरों ने रथ पर पत्थर फेंके। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि उन्हें इस मामले में एक शिकायत मिली है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि हमलावर दूसरे समुदाय के थे, लेकिन पुलिस अभी इन दावों की जांच कर रही है।


घटना के बाद का माहौल

इस हमले में दो महिलाएं घायल हो गईं। घटना के बाद, स्थानीय निवासियों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जगजीवन राम नगर थाने के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस ने बताया कि सोमवार को संभावित जवाबी कार्रवाई को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।


पुलिस की कार्रवाई

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटना स्थल पर मौजूद हैं और उपद्रवियों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई है। वीएस गार्डन निवासी शशिकुमार एन की शिकायत पर पुलिस ने रविवार रात प्राथमिकी दर्ज की। शिकायत के अनुसार, यह घटना रात करीब सवा आठ से नौ बजे के बीच हुई, जब श्रद्धालु शोभायात्रा निकाल रहे थे।


शोभायात्रा का महत्व

शिकायतकर्ता ने बताया कि वह पिछले 23 वर्षों से ओम शक्ति और अय्यप्पा स्वामी की पूजा में भाग ले रहे हैं और परंपरा के अनुसार ओम शक्ति की माला पहनकर तथा सिर पर ‘इरुमुडी’ रखकर शोभायात्रा में शामिल होते हैं। ‘इरुमुडी’ कपड़े में बंधी दो पोटलियों का बंडल होता है, जिसमें पूजा सामग्री और व्यक्तिगत चीजें होती हैं।


घायल श्रद्धालु की स्थिति

शिकायत में यह भी कहा गया कि तीन से चार युवकों ने शोभायात्रा पर पथराव किया, जिससे एक महिला श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।


पुनरावृत्ति की आशंका

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि पहले भी इलाके में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जहां धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान शरारती तत्वों ने आगजनी की थी। इसके अलावा, दलितों के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं भी सामने आई हैं। श्रद्धालुओं ने इसे धार्मिक भावनाओं पर हमला मानते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।


कर्नाटक के गृह मंत्री का बयान

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बताया कि पुलिस ने 15 से 17 साल के चार से पांच लड़कों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा, “जिन्हें पकड़ा गया है, वे नाबालिग हैं, इसलिए मामला जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत आएगा। एक मामला दर्ज किया गया है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।”


राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

बीजेपी की आलोचना का जवाब देते हुए, गृह मंत्री ने कहा कि सरकार पहले ही कानूनी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा, “जब ऐसी घटनाएं होती हैं, तो बीजेपी नेता सबसे पहले आते हैं, लेकिन हम पहले ही कार्रवाई कर चुके हैं।”