बेंगलुरु में डेंटल छात्रा की आत्महत्या: कॉलेज के 6 लेक्चरर बर्खास्त
यशस्विनी की आत्महत्या का मामला
बेंगलुरु के प्रसिद्ध 'ऑक्सफोर्ड डेंटल कॉलेज' की छात्रा यशस्विनी की आत्महत्या का मामला अब व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। कॉलेज प्रशासन ने इस घटना के बाद ओएमआर विभाग के छह लेक्चररों को तुरंत बर्खास्त कर दिया है। यह कदम छात्रा के परिवार द्वारा मानसिक उत्पीड़न और नस्लीय भेदभाव के गंभीर आरोप लगाने के बाद उठाया गया है.
यशस्विनी, जो चंदपुर की निवासी थी, ने 8 जनवरी को आत्महत्या कर ली। उसके माता-पिता का कहना है कि कॉलेज के शिक्षक उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। उसकी मां परिमाला ने बताया कि उनकी बेटी डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहती थी, लेकिन कॉलेज का माहौल इतना प्रतिकूल था कि उसने आत्महत्या का कदम उठाया.
नस्लीय भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप
यशस्विनी के परिवार और सहपाठियों द्वारा लगाए गए आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं। कहा जा रहा है कि लेक्चरर उसके सांवले रंग और पहनावे का मजाक उड़ाते थे। उसे यह भी कहा गया कि 'सांवली होते हुए वह डॉक्टर बनने का सपना कैसे देख सकती है।' एक बार आंखों में दर्द के कारण छुट्टी लेने पर उसे सेमिनार और रेडियोलॉजी केस जमा करने में छूट नहीं दी गई, बल्कि उसे अपमानित किया गया.
प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई
इस घटना के बाद सहपाठियों ने कॉलेज परिसर में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। बढ़ते दबाव के कारण कॉलेज प्रशासन ने डॉ. अनीमोल, डॉ. शबाना, डॉ. फैका, डॉ. सिंधु, डॉ. सुष्मिनी और डॉ. अल्बा को उनके पदों से हटा दिया है.
सूर्यनगर पुलिस स्टेशन में कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. प्रिया सहित पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके.
यशस्विनी की मां परिमाला ने कहा, 'मेरी बेटी का सपना चकनाचूर हो गया। उसे जो न्याय मिलेगा, वह भविष्य में किसी अन्य छात्र के साथ ऐसा न होने देने का संदेश होना चाहिए.'
