बेंगलुरु में ऑनलाइन गेमिंग धोखाधड़ी का बड़ा मामला, 526 करोड़ की संपत्तियां फ्रीज

बेंगलुरु में ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग के तहत एक बड़ा धोखाधड़ी मामला सामने आया है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय ने 526 करोड़ रुपये की संपत्तियां फ्रीज की हैं। कंपनी पर आरोप है कि उसने असली खिलाड़ियों को बॉट्स के खिलाफ खेलाकर आर्थिक नुकसान पहुंचाया। ईडी ने तीन निदेशकों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की सच्चाई।
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बेंगलुरु में ऑनलाइन गेमिंग धोखाधड़ी का बड़ा मामला, 526 करोड़ की संपत्तियां फ्रीज gyanhigyan

धोखाधड़ी का मामला सामने आया

ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग के तहत करोड़ों उपयोगकर्ताओं के साथ एक बड़ा धोखाधड़ी मामला उजागर हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बेंगलुरु और एनसीआर में गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित स्थानों पर कार्रवाई करते हुए लगभग 526 करोड़ रुपये की संपत्तियों को फ्रीज किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म पर असली खिलाड़ियों को गुप्त रूप से बॉट्स के खिलाफ खेलाकर भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया। प्रारंभ में उपयोगकर्ताओं को छोटी राशि जीताकर विश्वास दिलाया गया, लेकिन बाद में बड़ी राशि लगाने पर उन्हें सुनियोजित तरीके से हार का सामना करना पड़ा।


छापेमारी और संपत्तियों की जब्ती

ईडी की कार्रवाई छह दिनों तक चली, जिसमें कंपनी के कार्यालयों और निदेशकों के ठिकानों से कई इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए गए। इसके अलावा, बैंक खातों, पेमेंट गेटवे बैलेंस, म्यूचुअल फंड, बॉंड और फिक्स्ड डिपॉजिट सहित 526.49 करोड़ रुपये की चल संपत्तियों को फ्रीज किया गया। जांच के दौरान लगभग 2.30 किलो सोना और हीरे के आभूषण भी मिले, जिनकी कीमत लगभग 3.5 करोड़ रुपये है। साथ ही, 11 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए।


बॉट्स का उपयोग

जांच एजेंसियों के अनुसार, कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म को पूरी तरह सुरक्षित और बॉट्स से मुक्त बताकर प्रचार किया था। लेकिन जांच में यह सामने आया कि गेमिंग सिस्टम में ऑटोमेटेड प्रोग्राम यानी बॉट्स का उपयोग किया जा रहा था। असली खिलाड़ियों को बिना जानकारी दिए इन बॉट्स के खिलाफ उतारा जाता था। आरोप है कि जैसे ही खिलाड़ी बड़ी राशि लगाने लगते थे, बॉट्स को रणनीतिक तरीके से सक्रिय किया जाता था, जिससे उपयोगकर्ता लगातार हारते चले जाते थे।


प्रतिबंधित राज्यों में नेटवर्क का विस्तार

ईडी के अनुसार, कंपनी के लगभग तीन करोड़ उपयोगकर्ता हैं, जिनमें से बड़ी संख्या उन राज्यों की है जहां ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर प्रतिबंध है। आरोप है कि कंपनी ने तकनीकी तरीके से लोकेशन में हेरफेर कर इन राज्यों में भी अपनी सेवाएं जारी रखीं। जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी खिलाड़ियों से 10 से 15 प्रतिशत तक कमीशन वसूल रही थी।


निदेशकों की गिरफ्तारी

मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के चलते ईडी ने कंपनी के तीन निदेशकों पृथ्वीराज सिंह, विकास तनेजा और दीपक सिंह अहलावत को गिरफ्तार किया है। एजेंसी का दावा है कि कथित अवैध कमाई को विदेशी निवेश, म्यूचुअल फंड और अन्य संपत्तियों में लगाया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई और खुलासे हो सकते हैं।