बुलंदशहर में पति की हत्या के मामले में पत्नी प्रीति को मिली आजीवन कारावास की सजा
पति की हत्या का मामला
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश में एक और चर्चित हत्या के मामले में, प्रीति शर्मा को अदालत ने उसके प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने के आरोप में कड़ी सजा सुनाई है। बुलंदशहर की एडीजे अदालत ने प्रीति और उसके प्रेमी योगेश को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा दी है। इस फैसले के बाद, प्रीति और योगेश अपनी शेष जिंदगी जेल में बिताएंगे।
हत्या की योजना और घटना
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रवेन्द्र सिंह लोधी के अनुसार, राजकुमार की पत्नी प्रीति का संबंध योगेश से था, जो राजकुमार के घर अक्सर आता-जाता था। यह संबंध लगभग एक साल से चल रहा था, जिसके कारण राजकुमार और योगेश के बीच अक्सर झगड़े होते थे।
10 फरवरी 2019 की रात को, योगेश, प्रीति और उनके साथी बब्बीलाल ने मिलकर राजकुमार पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना की रिपोर्ट राजकुमार की मां ने दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच की।
डीएनए रिपोर्ट का महत्व
मुकदमे के दौरान, डीएनए रिपोर्ट एक महत्वपूर्ण सबूत साबित हुई। राजकुमार को अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था, जिसके चलते उसने अपना और बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया था, जो नेगेटिव आया। इस रिपोर्ट ने पति-पत्नी के बीच तनाव को और बढ़ा दिया। एडीजे राजेश कुमार तृतीय ने सभी सबूतों और गवाहों के बयानों का अध्ययन करने के बाद प्रीति और योगेश को हत्या का दोषी ठहराया।
अन्य चर्चित मामलों का संदर्भ
इससे पहले, मेरठ में नीले ड्रम कांड में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई थी। इसके अलावा, सांप कांड में भी रविता और अमरदीप को मृत्युदंड दिया गया था। ये सभी दोषी वर्तमान में जेल में हैं और अपनी सजा के खिलाफ कानूनी विकल्प तलाश रहे हैं।
