बीसीसीआई के नए अध्यक्ष बने राजीव शुक्ला, रोजर बिन्नी का कार्यकाल समाप्त

बीसीसीआई में बदलाव

बीसीसीआई के नए अध्यक्ष: भारतीय क्रिकेट टीम एशिया कप 2025 की तैयारी में जुटी है, जो 9 सितंबर से शुरू होगा। इसी बीच, बीसीसीआई में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। हाल ही में ड्रीम 11 के साथ टीम इंडिया की स्पॉन्सरशिप समाप्त की गई और अब अध्यक्ष पद पर भी बदलाव किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, पूर्व ऑलराउंडर रोजर बिन्नी ने बीसीसीआई अध्यक्ष का पद छोड़ दिया है और उनके स्थान पर उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला को कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है।
रोजर बिन्नी ने भारत के लिए 27 टेस्ट और 72 वनडे मैच खेले हैं। उन्होंने 2022 में पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को रिप्लेस करते हुए बीसीसीआई अध्यक्ष का पद संभाला था। जबकि गांगुली ने फ्रंट से नेतृत्व किया, बिन्नी के कार्यकाल में पूर्व बीसीसीआई सचिव और वर्तमान आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने प्रमुख भूमिका निभाई।
रोजर बिन्नी का पद छोड़ने का कारण
रोजर बिन्नी को क्यों छोड़ना पड़ा अपना पद?
बीसीसीआई में पदों की नियुक्ति लोढ़ा समिति की सिफारिशों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर होती है। इस नियम के तहत कोई भी अधिकारी 70 वर्ष की उम्र तक ही पद पर रह सकता है। रोजर बिन्नी पिछले महीने 19 तारीख को 70 वर्ष के हो गए थे, जिसके कारण उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा। उनकी विदाई का संकेत बीसीसीआई की शीर्ष परिषद की बैठक से मिला, जिसमें बिन्नी अनुपस्थित रहे और राजीव शुक्ला ने कार्यवाहक अध्यक्ष का पद संभाला।
बीसीसीआई के नियमों का पालन
According to a news report, Rajiv Shukla has been appointed as the ‘Acting President’ of the BCCI until new elections are held.
[Rajiv Shukla, BCCI, CricTracker India] pic.twitter.com/s1qJm9hzB0
— CricTracker (@Cricketracker) August 29, 2025
बीसीसीआई लोढ़ा समिति के नियमों के अनुसार कार्य कर रही है। इस कारण रोजर बिन्नी का कार्यकाल समाप्त हुआ और राजीव शुक्ला को नियुक्त किया गया। शुक्ला तब तक कार्यवाहक अध्यक्ष रहेंगे जब तक कि बोर्ड के लिए चुनाव नहीं होते। इस पद के लिए चुनाव सितंबर में होने की संभावना है।
बीसीसीआई के पुराने नियम
पुराने नियमों का ही पालन करेगा BCCI
दिलचस्प बात यह है कि एक पूर्व रिपोर्ट में सुझाव दिया गया था कि बिन्नी अगली बोर्ड बैठक तक पद पर बने रह सकते हैं, क्योंकि हाल ही में संसद में पारित राष्ट्रीय खेल विधेयक ने राष्ट्रीय खेल महासंघों के पदाधिकारियों की आयु सीमा बढ़ाकर 75 वर्ष कर दी है, बशर्ते वैश्विक शासी निकाय कोई आयु प्रतिबंध न लगाए। हालांकि, बीसीसीआई के मामले में, उसके मौजूदा संविधान के अनुसार 70 वर्ष की आयु सीमा बरकरार है।
हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि बीसीसीआई या किसी भी राज्य संघ के चुनाव होने हैं, तो वे मौजूदा नियमों के तहत ही होंगे। लोढ़ा समिति की सिफारिशें लागू रहेंगी और पदाधिकारियों की नियुक्ति या बर्खास्तगी उसी के अनुसार होगी। इन नियमों के तहत, पदाधिकारियों की अधिकतम आयु सीमा 70 वर्ष है, यानी इस आयु से पहले निर्वाचित कोई भी व्यक्ति अपना कार्यकाल पूरा कर सकता है।
राजीव शुक्ला का परिचय
राजीव शुक्ला का BCCI से है पुराना नाता
भारतीय क्रिकेट में राजीव शुक्ला कोई नया नाम नहीं हैं। उनका जन्म 13 सितंबर, 1959 को हुआ था। शुक्ला पहले मीडिया से जुड़े थे और फिर राजनीति में आए। इसके बाद, उन्होंने बीसीसीआई में एक अलग पहचान बनाई। उन्हें 2015 में आईपीएल का चेयरमैन बनाया गया, जबकि 2020 में वह बीसीसीआई के उपाध्यक्ष बने। अब वह कार्यवाहक रूप से बीसीसीआई के अध्यक्ष बन गए हैं।