बीएमसीएच का 29वां स्थापना दिवस: विमल चंद सुराणा को मिला लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
कला और स्वास्थ्य का संगम
जयपुर। बीएमसीएच और कैंसर केयर ने अपने 29वें स्थापना दिवस का समारोह शनिवार को महाराणा प्रताप सभागार में आयोजित किया। इस कार्यक्रम में अस्पताल के परिवार की एकता और रोगियों के प्रति उनकी संवेदनशीलता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। समारोह की मुख्य अतिथि, राजस्थान की सांसद मंजू शर्मा ने बीएमसीएच की सेवाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा में समर्पण और मानवीय संवेदना सबसे बड़ा पुरस्कार है।
बीएमसीएच के अध्यक्ष नवरतन कोठारी ने स्वागत भाषण में संस्थान की यात्रा और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं कैंसर केयर की अध्यक्ष अनिला कोठारी ने कैंसर मरीजों के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को साझा किया। कार्यकारी निदेशक, सेवानिवृत्त मेजर जनरल एस.सी. पारीक ने अस्पताल की उपलब्धियों और सेवाओं का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया।
सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

इस समारोह के दौरान, चिकित्सालय के प्रबंध न्यासी विमल चंद सुराणा को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उनके जीवन पर आधारित एक फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इस अवसर पर मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. अजय बापना, रेजिडेंट डॉ. सुरेश गुप्ता, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के निदेशक डॉ. संजीव पाटनी, सीनियर कंसल्टेंट डॉ. शिखा तिवाड़ी, सीनियर रेजिडेंट डॉ. लता गुप्ता, और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. तेज प्रकाश सोनी को संजीवनी अवार्ड से सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त, स्टार टीम अवॉर्ड, वी केयर अवॉर्ड, आई केयर, मार्वल और सारथी अवार्ड्स उन कर्मचारियों और टीमों को दिए गए जिन्होंने रोगियों की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग की सामूहिक संगीत प्रस्तुति, डॉ. प्रशांत शर्मा का बांसुरी वादन, विभिन्न विभागों के नृत्य और फार्मेसी एवं फाइनेंशियल काउंसलिंग विभाग का नाटक दर्शकों का दिल जीतने में सफल रहा। कैंसर केयर टीम, पैथोलॉजी, बिलिंग, हेल्पिंग स्टाफ और अन्य विभागों की प्रस्तुतियों ने यह दर्शाया कि अस्पताल केवल इलाज नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह जुड़ा हुआ संस्थान है। कार्यक्रम का समापन चीफ ग्रोथ ऑफिसर डॉ. पुनीत सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
