बीएमसी चुनाव में बीजेपी और यूबीटी के बीच होर्डिंग युद्ध तेज

बीएमसी चुनाव में बीजेपी और यूबीटी के बीच होर्डिंग युद्ध ने जोर पकड़ लिया है। दोनों दलों ने मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर होर्डिंग्स लगाए हैं, जिसमें एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप किए जा रहे हैं। बीजेपी ने शिवसेना पर पिछले 25 वर्षों में धोखा देने का आरोप लगाया है, जबकि यूबीटी ने अपनी उपलब्धियों को उजागर किया है। दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस और शिंदे गुट की शिवसेना इस मुकाबले से गायब हैं। जानें इस चुनावी संघर्ष की पूरी कहानी।
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बीएमसी चुनाव में बीजेपी और यूबीटी के बीच होर्डिंग युद्ध तेज

बीएमसी चुनाव में मुख्य मुकाबला

बीएमसी चुनाव में बीजेपी और यूबीटी के बीच होर्डिंग युद्ध तेज

उद्धव ठाकरे और सीएम देवेंद्र फडणवीस

बीएमसी चुनाव में कई राजनीतिक दल सक्रिय हैं, लेकिन मुख्य प्रतिस्पर्धा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के बीच देखी जा रही है। यह स्थिति मुंबई की सड़कों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।

विशेषकर मराठी बहुल क्षेत्रों में, बीजेपी और यूबीटी के बीच होर्डिंग युद्ध ने जोर पकड़ लिया है। दादर, माहिम, माटुंगा, वर्ली, गोरेगांव, अंधेरी, मालाड, विक्रोली, कंजूरमार्ग, भांडुप, घाटकोपर जैसे स्थानों पर दोनों दलों ने बड़े पैमाने पर होर्डिंग्स लगाए हैं।

बीजेपी की अपील

बीजेपी द्वारा लगाए गए होर्डिंग्स में मुंबईवासियों से अपील की जा रही है कि पिछले 25 वर्षों में शिवसेना ने उन्हें धोखा दिया है। इन होर्डिंग्स में लिखा गया है कि अब उनके झांसे में न आएं और विकास के लिए बीजेपी गठबंधन को वोट दें।

यूबीटी ने भी बीजेपी के आरोपों का जवाब देते हुए अपने होर्डिंग्स लगाए हैं, जिसमें दावा किया गया है कि पिछले 25 वर्षों में उनकी पार्टी ने मुंबई को बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान किया है। इसमें कोस्टल रोड, आधुनिक स्कूल, अस्पताल, प्रॉपर्टी टैक्स माफी और सरकारी आवास जैसे कार्यों का उल्लेख किया गया है।

कांग्रेस और शिंदे गुट की अनुपस्थिति

इस होर्डिंग युद्ध में एक दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस और शिंदे गुट की शिवसेना कहीं नजर नहीं आ रही है। इसके अलावा, एनसीपी, आरपीआई, समाजवादी पार्टी और एमआईएम की भी कोई होर्डिंग्स नहीं दिख रही हैं। इस प्रकार, मुंबई में बीजेपी और यूबीटी की होर्डिंग्स की भरमार है। कुल मिलाकर, बीएमसी चुनाव की लड़ाई अब सड़कों पर पोस्टरों और होर्डिंग्स के माध्यम से बीजेपी बनाम यूबीटी के सीधे मुकाबले में बदलती दिख रही है।

महाराष्ट्र में बीएमसी सहित 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा, जबकि वोटों की गिनती 16 जनवरी को की जाएगी.