बीएमसी चुनाव: 167 नामांकन खारिज, कांग्रेस और भाजपा की तैयारी

बृह्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनावों में 15 जनवरी को 2,516 में से 167 नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही इस चुनाव में अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ मैदान में हैं। कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है, जबकि भाजपा ने शिवसेना के साथ गठबंधन में चुनावी मैदान में उतरने का निर्णय लिया है। जानें इस चुनाव में क्या हो रहा है और आगे की योजनाएँ क्या हैं।
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बीएमसी चुनाव: 167 नामांकन खारिज, कांग्रेस और भाजपा की तैयारी

बीएमसी चुनाव में नामांकन की स्थिति

बृह्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आगामी चुनावों के लिए 15 जनवरी को 2,516 में से 167 उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों को बुधवार को खारिज कर दिया गया। नगर निगम के अधिकारियों ने यह जानकारी साझा की।


बीएमसी ने एक विज्ञप्ति में बताया कि 227 सदस्यीय नगर निकाय के लिए 31 दिसंबर को नामांकन पत्रों की जांच की गई, जिसमें से 2,231 को वैध माना गया।


जांच के दौरान खारिज किए गए 167 नामांकन पत्रों में से सबसे अधिक 34 एस-वार्ड के निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में खारिज हुए, जहां 85 फॉर्म जमा किए गए थे। इसके अलावा, एम ईस्ट-एम वेस्ट निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में 141 नामांकन पत्रों में से 23 खारिज कर दिए गए।


कांग्रेस और भाजपा की चुनावी रणनीति

कांग्रेस 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों में मुंबई, ठाणे, पुणे, छत्रपति संभाजी नगर और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगमों में 528 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। यह 1999 के बाद पहली बार है जब कांग्रेस इतनी बड़ी संख्या में अकेले चुनाव में भाग लेगी। यह चुनाव बिना किसी गठबंधन या बड़े सहयोगियों के साथ लड़ा जाएगा।


दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को बीएमसी चुनावों के लिए 66 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। भगवा पार्टी, जो महायुति का नेतृत्व कर रही है, हाल ही में हुए नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में मिली सफलता से उत्साहित है।


भाजपा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ गठबंधन में बीएमसी चुनाव लड़ रही है। हालांकि, दोनों पार्टियों ने अभी तक सीट बंटवारे के समझौते की घोषणा नहीं की है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा बीएमसी की 227 सीटों में से 140 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि शिंदे की शिवसेना 87 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।