बिहार सरकार ने किसानों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया, पंचायत स्तर पर विशेष कैंप आयोजित

बिहार सरकार ने सभी भूमि मालिकों के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है, जिससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिलेगा। 6 से 9 जनवरी 2026 तक पंचायत स्तर पर विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, जहां किसान आवश्यक दस्तावेजों के साथ ई-केवाईसी करवा सकते हैं। इस प्रक्रिया में मदद के लिए कृषि मंत्री ने सभी किसानों से कैंप में पहुंचने की अपील की है।
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बिहार सरकार ने किसानों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया, पंचायत स्तर पर विशेष कैंप आयोजित

बिहार में किसानों के लिए नई पहल

पटना, 7 जनवरी 2026: बिहार सरकार ने सभी भूमि मालिकों (किसानों) के लिए फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है। यह कदम केंद्र सरकार के एग्री स्टैक प्रोजेक्ट के अंतर्गत उठाया गया है, जिसके तहत किसानों को डिजिटल फार्मर आईडी दी जाएगी, जो आधार से जुड़ी होगी। इससे पीएम किसान सम्मान निधि जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से प्राप्त होगा।


कृषि विभाग के अनुसार, यदि किसान समय पर ई-केवाईसी और रजिस्ट्रेशन नहीं कराते हैं, तो उन्हें योजनाओं की अगली किस्त से वंचित होना पड़ सकता है। इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए बिहार सरकार ने 6 से 9 जनवरी 2026 तक राज्यभर में विशेष महाअभियान चलाने का निर्णय लिया है। इन चार दिनों में हर पंचायत स्तर पर विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।


कैंप का स्थान: ये शिविर पंचायत कृषि कार्यालय, पंचायत भवन या पंचायत सरकार भवन में लगाए जा रहे हैं। किसान सलाहकार और कृषि समन्वयक गांव-गांव जाकर जानकारी प्रदान कर रहे हैं।


आवश्यक दस्तावेज:



  • आधार कार्ड

  • मोबाइल नंबर

  • जमीन से संबंधित कागजात (खाता-खेसरा, जमाबंदी आदि)


कैंप में जाकर किसान ई-केवाईसी करवा सकते हैं, जमीन का दावा दर्ज करा सकते हैं और ई-हस्ताक्षर कर सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। राजस्व कर्मचारी जमीन के रिकॉर्ड की जांच और सत्यापन में सहायता करेंगे।


कृषि मंत्री ने सभी भूमि मालिकों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी पंचायत कैंप में अवश्य पहुंचें। यदि किसी को समस्या आती है, तो जिला कृषि अधिकारी (DAO), अनुमंडल या प्रखंड कृषि अधिकारी से संपर्क करें।