बिहार में वाहन निषेध दिवस: मुख्यमंत्री और मंत्री ने पैदल चलकर दिखाई पहल

बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वाहन निषेध दिवस मनाया। इस दिन सचिवालय के अधिकारियों ने वाहनों का उपयोग नहीं किया और पैदल चलकर कार्यालय पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक परिवहन के उपयोग की अपील की और निजी वाहनों की संख्या कम करने का सुझाव दिया। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने भी अपनी यात्रा के दौरान वाहनों की संख्या सीमित रखने की बात कही। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
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बिहार में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद, बिहार की राजनीति में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की दिशा में बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को वाहन निषेध दिवस मनाया। उन्होंने सचिवालय तक 50 मीटर की दूरी पैदल तय की। इसी तरह, मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश ने भी अपने आधिकारिक आवास से सचिवालय तक लगभग 1 किलोमीटर पैदल चलकर यात्रा की।


सचिवालय में वाहनों का कम उपयोग

मुख्यमंत्री की पहल के तहत, सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी इस दिन वाहनों का उपयोग नहीं किया। वे साइकिल और सार्वजनिक परिवहन का सहारा लेकर कार्यालय पहुंचे। सचिवालय परिसर में सरकारी वाहनों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कम दिखाई दी। कई अधिकारी अपने निजी वाहनों से या पैदल कार्यालय पहुंचे।


सार्वजनिक परिवहन के उपयोग की अपील

गुरुवार को, मुख्यमंत्री ने पटना से दरभंगा जाते समय तीन वाहनों के साथ हवाई अड्डे पर पहुंचकर लोगों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि निजी और सरकारी कार्यालयों में घर से काम करने की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए और मंत्रियों को अपने वाहनों की संख्या कम करनी चाहिए।


नित्यानंद राय की यात्रा

केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय की बिहार यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ और बिहार पुलिस का एक-एक वाहन तैनात रहेगा। इस संबंध में नित्यानंद के कार्यालय ने बिहार सरकार को पत्र लिखा है। उन्होंने समर्थकों से भी अनुरोध किया है कि स्वागत कार्यक्रम के दौरान वाहनों की संख्या सीमित रखी जाए।


सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री का संदेश