बिहार में मुख्यमंत्री पद की दौड़: सम्राट चौधरी की बढ़ती संभावनाएं

बिहार की राजनीति में हालिया घटनाक्रम ने मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सम्राट चौधरी को सबसे मजबूत दावेदार बना दिया है। जीतन राम मांझी ने उनके नाम पर सहमति जताई है, जिससे उनकी संभावनाएं और भी बढ़ गई हैं। नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद, राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या सम्राट चौधरी जल्द ही मुख्यमंत्री बनेंगे। जानें इस राजनीतिक हलचल के पीछे की कहानी और क्या हो सकता है आगे।
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बिहार में मुख्यमंत्री पद की दौड़: सम्राट चौधरी की बढ़ती संभावनाएं

बिहार की राजनीति में नया मोड़


पटना, 23 मार्च 2026: बिहार की राजनीतिक स्थिति में एक नया मोड़ आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव जीतने और दिल्ली जाने की संभावनाओं के बीच, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अगले मुख्यमंत्री के रूप में सबसे आगे नजर आ रहे हैं। एनडीए के प्रमुख सहयोगी और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पहली बार सम्राट चौधरी के नाम पर खुलकर सहमति जताई है। मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार जो सोचते हैं, वही करते हैं, और यदि वे सम्राट को इशारा कर रहे हैं, तो वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि सम्राट चौधरी ही नीतीश कुमार के इच्छित व्यक्ति हैं सीएम पद के लिए,” यह बयान उन्होंने पटना में हाल ही में आयोजित इफ्तार पार्टी के दौरान मीडिया से बातचीत में दिया।


जीतन राम मांझी का बयान

क्या कहा जीतन राम मांझी ने?



  • 19 मार्च 2026 को पटना में इफ्तार पार्टी के दौरान मांझी ने स्पष्ट रूप से कहा: “नीतीश कुमार पारदर्शी हैं। वे जो सोचते हैं, वही करते हैं। यदि वे सम्राट को सीएम बनाने का इशारा कर रहे हैं, तो यह माना जाना चाहिए कि वे इससे पीछे नहीं हटेंगे। हमें लगता है कि सम्राट चौधरी ही नीतीश कुमार के इच्छित व्यक्ति हो सकते हैं।”

  • उन्होंने यह भी याद दिलाया कि नीतीश ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया था, और अब भी “नीतीश जिसे कहेंगे, वही बनेगा।”

  • यह बयान एनडीए में पहली बड़ी सहमति के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि HAM (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) एनडीए का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।


सम्राट चौधरी की दावेदारी

सम्राट चौधरी क्यों सबसे मजबूत दावेदार?



  • सम्राट चौधरी (57 वर्ष) वर्तमान में बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री हैं। वे कोएरी (कुशवाहा) समुदाय से हैं, जो बिहार में एक महत्वपूर्ण OBC वोट बैंक है।

  • नीतीश कुमार ने हाल ही में सम्राट को कई बार प्रोजेक्ट किया है, और समृद्धि यात्रा के दौरान उन्हें भविष्य की जिम्मेदारी सौंपने के संकेत दिए हैं।

  • BJP में सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है, जबकि अन्य संभावित नामों में नित्यानंद राय, संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल, और जनक राम शामिल हैं।

  • नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्यसभा चुनाव जीत लिया है, और संविधान के अनुसार वे 6 महीने तक सीएम रह सकते हैं, लेकिन जल्द इस्तीफा दे सकते हैं।


राजनीतिक पृष्ठभूमि

राजनीतिक पृष्ठभूमि और अन्य दावेदार


नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया और भावुक पोस्ट में कहा कि वे विधानमंडल के साथ संसद में भी बिहार का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं। इससे BJP को सीएम पद मिलने की संभावना मजबूत हुई है, क्योंकि NDA में BJP सबसे बड़ी पार्टी है।



  • RJD की प्रतिक्रिया: तेजस्वी यादव गुट ने मांझी के बयान पर तंज कसा – “एक अनार सौ बीमार।”

  • BJP का स्टैंड: पार्टी में कोई महत्वाकांक्षा की लड़ाई नहीं है, सभी एकजुट हैं। फैसला सर्वसम्मति से होगा।

  • अन्य नामों की चर्चा: निशांत कुमार (नीतीश के बेटे) का नाम भी आया, लेकिन फिलहाल सम्राट चौधरी सबसे मजबूत दिख रहे हैं।


भविष्य की संभावनाएं

क्या होगा आगे?


विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल 2026 तक फैसला आ सकता है। यदि नीतीश इस्तीफा देते हैं, तो सम्राट चौधरी के सीएम बनने की संभावना 70-80% मानी जा रही है। मांझी का बयान NDA में एकजुटता का संदेश देता है और रेस को लगभग फाइनल करने जैसा लग रहा है।


अपडेट: स्थिति तेजी से बदल सकती है। पटना के गलियारों में अब सिर्फ एक सवाल है – “सम्राट चौधरी कब लेंगे शपथ?” NDA की बैठकें जारी हैं, और जल्द बड़ा ऐलान हो सकता है!