बिहार में प्रेम विवाह के बाद बेटी का श्राद्ध, परिवार ने किया प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार
बेटी के प्रेम विवाह से टूटा परिवार
बिहार के कटिहार जिले में एक युवती ने प्रेम विवाह के बाद अपने माता-पिता को पहचानने से मना कर दिया, जिससे उसके परिवार में गहरा सदमा पहुंचा। इस दुखद घटना के बाद परिवार ने प्रतीकात्मक रूप से अपनी बेटी का श्राद्ध और अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया।
दुखद घटना का विवरण
कटिहार के कोढ़ा प्रखंड के खुदना गांव में एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का श्राद्ध किया। पहले उसकी कुश की पुतला बनाकर गांव में अर्थी यात्रा निकाली गई, और फिर हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। लोग जानना चाहते हैं कि एक पिता को अपनी बेटी को जीते जी 'मृत' घोषित करने का इतना बड़ा कदम क्यों उठाना पड़ा।
बेटी का कोर्ट में बयान
पिता मुनचुन पासवान ने अपनी बेटी को बहुत प्यार से पाला था। लेकिन जब उनकी बेटी अपने प्रेमी के साथ भाग गई और लव मैरिज कर ली, तो परिवार परेशान हो गया। पुलिस ने उसे बरामद किया और कोर्ट में पेश किया, जहां उसने अपने माता-पिता को पहचानने से इनकार कर दिया। इसने परिवार को गहरी चोट पहुंचाई।
रिश्तों का अंत
परिवार ने तय किया कि अब वे अपनी बेटी से कोई संबंध नहीं रखेंगे। उन्होंने समाज के सामने ऐलान किया कि उनकी बेटी अब उनके लिए मर चुकी है। इसके बाद उन्होंने बेटी के नाम से कुश की पुतला बनवाई और उसे अर्थी पर सजाकर अंतिम यात्रा निकाली।
प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार
अंत में, पुतले को शमशान घाट ले जाकर दाह संस्कार किया गया। पिता और दादा इस दृश्य को देखकर रो पड़े। घटना की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से लोग खुदना पहुंचे और सैकड़ों ग्रामीण श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल हुए। इस घटना ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि प्यार के नाम पर एक लड़की अपने माता-पिता को कैसे ठुकरा सकती है।
