बिहार में छात्रा ने परीक्षा में असफलता के बाद उठाया गंभीर कदम

बिहार के वैशाली जिले में एक 15 वर्षीय छात्रा ने 10वीं बोर्ड के परिणाम में असफलता के बाद आत्महत्या का प्रयास किया। घटना के बाद परिवार के सदस्यों ने उसे बचाने की कोशिश की, और वह अब अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। इस घटना ने शिक्षा प्रणाली और मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल उठाए हैं। जानें पूरी जानकारी इस दुखद घटना के बारे में।
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दुखद घटना की जानकारी

बिहार के वैशाली जिले से एक दुखद समाचार सामने आया है। यहां एक 15 वर्षीय छात्रा ने 10वीं बोर्ड के परिणाम को देखकर भावुक होकर आत्महत्या का प्रयास किया। वह चुपचाप अपने कमरे में गई और दरवाजा बंद कर लिया। जब उसकी बहन वहां पहुंची, तो उसने देखा कि छात्रा ने फंदा लगा लिया है। चीखने-चिल्लाने पर परिवार के सदस्य इकट्ठा हुए और छात्रा को नीचे उतारने में सफल रहे। फिलहाल, वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है.


घटना का विवरण

यह घटना सदर थाना क्षेत्र के आस्तीपुर गांव की है, जहां छात्रा ने परीक्षा में असफलता के कारण गंभीर कदम उठाया। जब उसकी बहन ने कमरे में जाकर देखा, तो वह सदमे में आ गई और तुरंत शोर मचाया। परिवार के लोग और पड़ोसी मौके पर पहुंचे और छात्रा को बचाने की कोशिश की.


इलाज की प्रक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और छात्रा को बेहोशी की हालत में हाजीपुर सदर अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज जारी है. पुलिसकर्मी विजय कुमार उरांव ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि छात्रा ने परीक्षा में असफल होने के कारण आत्महत्या का प्रयास किया.


बिहार बोर्ड के परिणाम

रविवार को बिहार बोर्ड ने 10वीं का परिणाम घोषित किया था। इस परीक्षा में सिमुलता आवासीय विद्यालय की पुष्पांजलि कुमारी और वैशाली की सबरीन प्रवीन ने 98.4% अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। बिहार बोर्ड का कुल पास प्रतिशत 81.79% रहा। असफल छात्रों के लिए 01 से 07 अप्रैल 2026 के बीच कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की सुविधा उपलब्ध होगी.