बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए SIPB की बैठक संपन्न
बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 68वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 36 परियोजनाओं को स्टेज-1 क्लीयरेंस दिया गया और कई अन्य निवेश प्रस्तावों पर चर्चा की गई। निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए विशेष ध्यान दिया गया, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी। प्रमुख प्रस्तावों में UltraTech Cement का शामिल होना महत्वपूर्ण है।
| Jun 24, 2026, 18:03 IST
SIPB की 68वीं बैठक का आयोजन
पटना: राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 68वीं बैठक आज विकास आयुक्त-सह-अध्यक्ष मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करना था, जिसके तहत विभिन्न निवेश प्रस्तावों पर चर्चा की गई। कुल 36 परियोजनाओं को ₹1628.60 करोड़ की लागत के साथ स्टेज-1 क्लीयरेंस दिया गया, जबकि 07 परियोजनाओं को ₹44.89 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति मिली। इन पहलों से राज्य में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर
बैठक के दौरान निवेश स्वीकृति प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाने पर जोर दिया गया। निवेशकों को आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों के समाधान के लिए विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा की गई, ताकि बिहार को निवेश के लिए और अधिक अनुकूल और प्रतिस्पर्धी राज्य बनाया जा सके। प्रमुख निवेश प्रस्तावों में UltraTech Cement Limited का प्रस्ताव शामिल है, जिसमें कटोरिया, बांका में ₹630.97 करोड़ के निवेश से 3.5 मिलियन MTPA क्षमता की सीमेंट इकाई स्थापित की जाएगी।
अन्य निवेश प्रस्तावों की स्वीकृति
इसके अलावा, Tiwana Nutrition Global Private Limited, Ankoor Tradevista Pvt. Ltd., M/s Trycon Logistics and Support Services Private Limited, GreenExcel Private Limited, M/s Somayan Remedies Private Limited, Himalaya Medical College & Hospital, BABA GREEN ENERGY, RK Shirts Private Limited, ARWAL AGRO INDUSTRIES PRIVATE LIMITED और SHRI GRISHNESHWAR COLD STORAGE PRIVATE LIMITED जैसे अन्य निवेश प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।
औद्योगिक आधार को मजबूत करने की दिशा में कदम
इन निवेश प्रस्तावों के कार्यान्वयन से बिहार में औद्योगिक आधार को मजबूती मिलेगी और राज्य को निवेश एवं रोजगार सृजन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
