बिहार में आरजेडी और एनडीए के बीच सुरक्षा विवाद बढ़ा

बिहार में आरजेडी के नेता लालू प्रसाद यादव के परिवार ने सुरक्षा में कटौती के खिलाफ विरोध किया है। यह कदम सत्तारूढ़ एनडीए सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। आरजेडी ने इस निर्णय को राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में देखा है, जबकि सरकार इसे नियमित समीक्षा का हिस्सा बताती है। इस विवाद ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
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बिहार में आरजेडी और एनडीए के बीच सुरक्षा विवाद बढ़ा gyanhigyan

राजनीतिक तनाव का नया अध्याय

बिहार में एक नया राजनीतिक विवाद तब उत्पन्न हुआ जब राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार ने पटना में अपने निवास पर तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस बुला लिया। यह घटना तब हुई जब बिहार सरकार ने यादव परिवार के कई सदस्यों की सुरक्षा में कटौती की थी। आरजेडी ने इस निर्णय को राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में देखा है, जिससे सत्तारूढ़ एनडीए सरकार और आरजेडी के नेतृत्व वाले विपक्षी महागठबंधन के बीच तनाव और बढ़ गया है.


सुरक्षा में कटौती का विरोध

सूत्रों के अनुसार, लालू यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने अपने 10 सर्कुलर रोड आवास पर तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को वहां से जाने का आदेश दिया। यह कदम सरकार के इस निर्णय के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध के रूप में देखा गया। बिहार सरकार का कहना है कि यह बदलाव सुरक्षा खतरों के आकलन के आधार पर नियमित समीक्षा का हिस्सा है.


आरजेडी का आरोप

हालांकि, आरजेडी के नेताओं का कहना है कि यह कदम यादव परिवार को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने के लिए उठाया गया है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी विरोध के प्रतीक के रूप में अपनी वाई-प्लस सुरक्षा लौटा दी, जबकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आरजेडी प्रवक्ता शक्ति यादव ने शनिवार को सर्कुलर रोड स्थित 10 नंबर के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया.


सरकार के खिलाफ नाराजगी

पूर्व विधायक ने कहा कि यादव परिवार सरकार के बार-बार अपमान से नाराज है और आरजेडी कार्यकर्ता अब अपने नेताओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठाने का निर्णय ले रहे हैं। शक्ति यादव ने कहा कि सरकार हमारे नेताओं को खतरे में डालना चाहती है, लेकिन हम उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने इस मुद्दे को हाल ही में सर्कुलर रोड स्थित 10 नंबर के बंगले को भाजपा मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किए जाने से भी जोड़ा, जिसका राबड़ी देवी ने विरोध किया था.