बिहार में NEET पेपर लीक पर विरोध: प्रशासनिक बैठक में सुरक्षा उपायों पर चर्चा

बिहार में NEET पेपर लीक के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के मद्देनजर, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा उपायों और छात्रों के साथ संवाद स्थापित करने पर जोर दिया। अधिकारियों को संवेदनशीलता बरतने और अराजक तत्वों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह सुनिश्चित किया गया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए छात्रों को कोई परेशानी न हो। जानें इस बैठक में और क्या निर्णय लिए गए हैं।
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बिहार में NEET पेपर लीक पर प्रशासनिक बैठक

बिहार के विभिन्न जिलों में NEET पेपर लीक के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए आज मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई, जिसमें राज्य के पुलिस महानिदेशक (अभियान) कुंदन कृष्णन, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, सभी जिलों के ज़िलाधिकारी, पुलिस उप-महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।




इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को वर्तमान स्थिति के प्रति जागरूक करना और शांति बनाए रखने के लिए समन्वय स्थापित करना था।


प्रमुख निर्देश और अधिकारियों के वक्तव्य

पुलिस महानिदेशक (अभियान) कुंदन कृष्णन के निर्देश:


कुंदन कृष्णन ने छात्रों के प्रति संवेदनशीलता बरतने और संवाद के माध्यम से स्थिति को संभालने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:


* सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण: अधिकारियों को छात्रों और छात्र नेताओं से सीधे संवाद करने के लिए कहा गया। उन्हें समस्याओं को सुनने में सहानुभूति दिखाने की सलाह दी गई।


* अंबेडकर हॉस्टल और छात्र मंचों से जुड़ाव: पुलिस अधिकारियों को अंबेडकर हॉस्टलों और छात्र फोरम में जाकर छात्रों से संवाद स्थापित करने के लिए कहा गया।


* संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान: विरोध प्रदर्शन के संवेदनशील स्थानों, जैसे रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों की पहचान की जाए।


* अराजक तत्वों पर निगरानी: उपद्रवी तत्वों की पहचान के लिए पोस्टर जारी किए जाएं और सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री पर नजर रखी जाए।


* तकनीकी संसाधनों का उपयोग: निगरानी के लिए सीसीटीवी और अन्य तकनीकी संसाधनों का पूरा उपयोग किया जाए।


* बल प्रयोग का अंतिम विकल्प: बल प्रयोग को अंतिम उपाय के रूप में ही रखा जाए, प्राथमिकता शांतिपूर्ण बातचीत की होनी चाहिए।


डीजीपी विनय कुमार के निर्देश

पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार:


डीजीपी विनय कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया:


* उपकरणों की उपलब्धता: सभी जिलों में दंगा नियंत्रण उपकरणों और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए।


* कोचिंग संस्थानों पर निगरानी: कोचिंग संस्थानों से उपस्थिति का लिखित ब्योरा मांगा जाए।


* सोशल मीडिया पर निगरानी: शांति भंग करने वाले संदिग्धों की तस्वीरें जारी की जाएं।


* सीसीटीवी और वीडियो कवरेज: संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त कैमरे और सीसीटीवी कवरेज सुनिश्चित किया जाए।


* निरंतर संचार: पुलिस बलों और जिला मुख्यालयों के बीच संचार बनाए रखा जाए।


मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के निर्देश

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत:


मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन और पुलिस को एकजुट होकर काम करने का निर्देश दिया:


* सतर्कता और समन्वय: सभी डीएम और एसपी को अपने जिलों में सतर्क रहने और पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखने के लिए कहा गया।


* छात्रों की सुरक्षा: कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए निर्दोष छात्रों को परेशानी न होने देने का ध्यान रखा जाए।


* अफ़वाहों पर रोक: भ्रामक समाचारों का खंडन आधिकारिक सूचनाओं के माध्यम से किया जाए।


* स्थिति की निगरानी: राज्य सरकार पूरी स्थिति पर नजर रखेगी और असामाजिक तत्वों को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।