बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात में उपचुनावों के परिणाम: राजनीतिक परीक्षा का समय
उपचुनावों की मतगणना शुरू
बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों पर उपचुनावों के परिणामों की घोषणा की जा रही है। सोमवार, 3 अगस्त को सुबह 8 बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती प्रारंभ हो गई है। इन तीनों निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान 30 जुलाई को हुआ था। इन चुनावों को भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। खासकर बिहार की बांकीपुर और मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, जिन्हें बीजेपी का पारंपरिक गढ़ माना जाता है।
बांकीपुर (बिहार): प्रशांत किशोर की चुनावी परीक्षा
बिहार की प्रमुख बांकीपुर विधानसभा सीट पर मतगणना जारी है। यह चुनाव जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के लिए पहली बड़ी चुनावी परीक्षा मानी जा रही है, जिससे यह मुकाबला राज्य के सबसे चर्चित चुनावों में से एक बन गया है।
यह सीट बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। बांकीपुर को लंबे समय से बीजेपी की सबसे सुरक्षित शहरी सीटों में से एक माना जाता रहा है।
इस उपचुनाव में लगभग 3.80 लाख योग्य मतदाताओं के सामने 26 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है।
दतिया (मध्य प्रदेश): मतदान में उत्साह
मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर मतों की गिनती कड़ी सुरक्षा के बीच चल रही है। 30 जुलाई को हुए मतदान में दतिया के लोगों ने उत्साह से भाग लिया, और कुल 71.44 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई।
इस सीट पर कुल 291 पोलिंग स्टेशन (186 ग्रामीण और 105 शहरी क्षेत्र) बनाए गए थे। यहां कुल 21 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला 1,16,088 पुरुष और 1,04,246 महिला मतदाताओं ने किया है।
चुनाव के दौरान कांग्रेस ने सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया था, लेकिन जिला प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।
मंज़लपुर (गुजरात): पूर्व मंत्री का निधन
गुजरात के वडोदरा जिले की मंज़लपुर विधानसभा सीट पर भी मतगणना की प्रक्रिया जारी है।
यह उपचुनाव बीजेपी के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री योगेश पटेल के 2 जून को लंबी बीमारी के बाद निधन के कारण हो रहा है।
सत्ताधारी बीजेपी ने वडोदरा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के पूर्व पार्षद सतीश गोविंदभाई पटेल को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से गुजरात कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री भीखाभाई रबारी चुनावी मैदान में हैं।
राजनीतिक प्रभाव
इन तीनों राज्यों के चुनाव परिणाम क्षेत्रीय और राष्ट्रीय राजनीति के भविष्य पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं।
