बिहार के चार जिले साइबर अपराध के शीर्ष केंद्रों में शामिल

बिहार के नवादा, नालंदा, पटना और शेखपुरा जिले हाल ही में देश के शीर्ष 15 साइबर अपराध केंद्रों में शामिल हुए हैं। अधिकारियों की समीक्षा बैठक में यह जानकारी सामने आई। पटना में एटीएम और चेक धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे हैं। 'ऑपरेशन साइबर प्रहार' के तहत कई म्यूल बैंक खातों की जांच की गई है, और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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साइबर अपराध की बढ़ती समस्या

पटना, 7 अगस्त: बिहार के नवादा, नालंदा, पटना और शेखपुरा जिले देश के 15 प्रमुख साइबर अपराध केंद्रों में स्थान रखते हैं। यह जानकारी अधिकारियों ने दी है। यह तथ्य बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में सामने आया।


बैठक में शामिल अधिकारी

इस बैठक में बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार और सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े। बिहार सरकार के एक बयान में कहा गया है कि नवादा दूसरे, नालंदा चौथे, पटना सातवें और शेखपुरा 15वें स्थान पर हैं।


पटना में धोखाधड़ी के मामले

बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि पटना एटीएम और चेक के माध्यम से धोखाधड़ी के मामलों में एक प्रमुख स्थान रखता है।


ऑपरेशन साइबर प्रहार की सफलता

‘ऑपरेशन साइबर प्रहार’ के तहत अधिकारियों ने 6,251 ‘म्यूल’ बैंक खातों की जांच की, जिसके परिणामस्वरूप 702 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई और 507 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। म्यूल खाते वे बैंक खाते होते हैं, जिनका उपयोग अपराधी साइबर ठगी, धन शोधन और अवैध रूप से अर्जित धन के अंतरण के लिए करते हैं।


साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों की सहायता

अधिकारियों ने ‘मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल’ (एमआरएम) के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों की सहायता में हुई प्रगति पर भी ध्यान केंद्रित किया। बयान के अनुसार, एमआरएम के तहत 16,593 मामलों में से 5,642 मामलों पर कार्रवाई की गई है, जिससे 224.53 लाख रुपये की बहाली के आदेश जारी हुए हैं।


शिकायत निवारण में प्रगति

शिकायत निवारण मॉड्यूल (जीआरएम) के तहत, बिहार ने बैंक खातों को गलत तरीके से ‘फ्रीज’ करने से संबंधित शिकायतों में से 98 प्रतिशत का समाधान किया है।