बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का नया मोड़: राज्यसभा चुनाव में नामांकन

बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ आया है जब नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। इस बीच, जेडीयू के समर्थकों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, यह मानते हुए कि नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद छोड़ने का निर्णय गलत है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने नीतीश के कार्यकाल को लेकर सवाल उठाए हैं। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी।
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बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का नया मोड़: राज्यसभा चुनाव में नामांकन

नीतीश कुमार का नामांकन और समर्थन

बिहार की राजनीतिक स्थिति में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन आया है, जब नीतीश कुमार, जो राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे हैं, ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन प्रस्तुत किया। जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश कुमार ने 2025 में पांचवीं बार चुनाव जीतने के बाद, एनडीए के साथ मिलकर बिहार में दो-तिहाई बहुमत प्राप्त किया और दसवीं बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।


कांग्रेस सांसद का बयान

कांग्रेस के सांसद जयराम रमेश ने नीतीश कुमार के 2026 के राज्यसभा चुनाव में भाग लेने पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य नेताओं ने बार-बार कहा था कि नीतीश कुमार का कार्यकाल लंबा नहीं चलेगा। रमेश ने यह भी कहा कि यह बिहार की जनता के विश्वास का उल्लंघन है, क्योंकि जनादेश नीतीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री बनाने के लिए दिया गया था।


जेडीयू कार्यकर्ताओं का विरोध

इस बीच, जेडीयू के समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने पटना में मुख्यमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के निर्णय पर विश्वास करने से इनकार कर दिया। एक कार्यकर्ता ने कहा कि हो सकता है कि नीतीश कुमार का सोशल मीडिया अकाउंट हैक हो गया हो। अन्य समर्थकों ने कहा कि नीतीश कुमार जनता के जनादेश का अपमान नहीं कर सकते और उन पर भारी दबाव है।