बिहार की राजनीति में नया मोड़: नीतीश कुमार और नितिन नवीन का इस्तीफा
सोमवार को बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने-अपने सदनों से इस्तीफा दे दिया। यह कदम राज्यसभा में चुने जाने के बाद उठाया गया है। दोनों नेताओं ने अपने इस्तीफे प्रतिनिधियों के माध्यम से सौंपे। अब सवाल यह है कि नीतीश कुमार कब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। इस घटनाक्रम से बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने की संभावना है।
| Mar 30, 2026, 12:25 IST
बिहार में राजनीतिक बदलाव
सोमवार को बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना घटी जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने-अपने सदनों से इस्तीफा दे दिया। इस घटनाक्रम ने एक नई राजनीतिक शुरुआत के संकेत दिए हैं। दोनों नेताओं ने क्रमशः बिहार विधान परिषद और विधानसभा की सदस्यता छोड़ने का निर्णय लिया, जो कि राज्यसभा में चुने जाने के बाद किया गया।
प्रतिनिधियों के माध्यम से इस्तीफा
दिलचस्प बात यह है कि दोनों नेताओं ने अपने इस्तीफे खुद नहीं दिए, बल्कि प्रतिनिधियों के माध्यम से भेजे। नीतीश कुमार का इस्तीफा एमएलसी संजय गांधी ने संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी के साथ मिलकर परिषद के सभापति को सौंपा, जबकि नितिन नवीन का पत्र बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विधानसभा अध्यक्ष तक पहुंचाया। विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने नीतीश कुमार के इस्तीफे को स्वीकार करते हुए उनकी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार सदन के एक महत्वपूर्ण और समर्पित नेता रहे हैं, जिन्होंने हमेशा बिहार के हित को प्राथमिकता दी।
राज्यसभा चुनाव के बाद का निर्णय
16 मार्च को दोनों नेताओं का राज्यसभा के लिए चुनाव हुआ था, और नियमों के अनुसार उन्हें 30 मार्च तक राज्य की किसी एक सदस्यता से इस्तीफा देना आवश्यक था। संविधान के अनुच्छेद 101 और 190 के तहत यह स्पष्ट है कि कोई भी व्यक्ति एक साथ संसद और राज्य विधानसभा का सदस्य नहीं रह सकता और उसे 14 दिनों के भीतर एक पद छोड़ना होगा।
नितिन नवीन का भावुक संदेश
नितिन नवीन के इस्तीफे के बारे में संजय सरावगी ने बताया कि नवीन पहले से ही दिल्ली और असम के कार्यक्रमों में व्यस्त थे, इसलिए उन्होंने पटना छोड़ने से पहले ही अपना इस्तीफा सौंप दिया था। वहीं, नवीन ने पटना के बांकीपुर क्षेत्र के लोगों के लिए एक भावुक संदेश भी लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें नई जिम्मेदारी दी है, लेकिन अपने क्षेत्र के लोगों से उनका रिश्ता हमेशा बना रहेगा।
नीतीश कुमार का इस्तीफा
विजय कुमार चौधरी ने बताया कि नीतीश कुमार ने भी अपना इस्तीफा पहले ही संजय गांधी को सौंप दिया था, जिसे अब औपचारिक रूप से जमा कराया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार हमेशा संवैधानिक मूल्यों का पालन करने वाले नेता रहे हैं और यह निर्णय भी उसी परंपरा का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे का सवाल
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नीतीश कुमार कब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। चौधरी ने इस पर सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि सब कुछ सही समय पर और संविधान के अनुसार होगा। हालांकि, यह माना जा रहा है कि नीतीश कुमार राज्यसभा में शपथ लेने से पहले मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं। ऐसे में बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि नीतीश कुमार का राज्य की राजनीति पर दो दशकों से अधिक समय से दबदबा रहा है। अब उनके संभावित उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में बिहार की सियासत एक नए दौर में प्रवेश कर सकती है।
