बिहार आईटी इंडस्ट्री मीट 2026: डिजिटल विकास की नई दिशा

बिहार सरकार ने 'बिहार आईटी इंडस्ट्री मीट 2026' का आयोजन किया, जिसमें वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा की गई। मंत्री नीतीश मिश्रा ने राज्य में एक आधुनिक तकनीकी इकोसिस्टम विकसित करने के लक्ष्य को साझा किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने बिहार की युवा प्रतिभा और तकनीकी क्षमता की सराहना की। बिहार अब प्रौद्योगिकी और नवाचार का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
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बिहार का डिजिटल भविष्य

बिहार सरकार का सूचना प्रावैधिकी विभाग राज्य को एक प्रमुख डिजिटल और तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसी संदर्भ में, 'बिहार आईटी इंडस्ट्री मीट 2026' का आयोजन बेंगलुरु में किया गया, जिसमें देश और दुनिया की प्रमुख तकनीकी कंपनियों, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के नेताओं, स्टार्टअप्स, वेंचर कैपिटल फर्मों और उद्योग विशेषज्ञों के साथ उच्चस्तरीय संवाद और रणनीतिक बैठकें आयोजित की गईं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिहार में निवेश को आकर्षित करना, वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करना और राज्य को डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख केंद्र बनाना था।


इस अवसर पर, बिहार सरकार के सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल निवेश प्राप्त करना नहीं है, बल्कि एक ऐसा आधुनिक तकनीकी इकोसिस्टम विकसित करना है, जहां नवाचार, उद्योग और युवाओं की प्रतिभा एक साथ आगे बढ़ सके। उन्होंने बताया कि बिहार आईटी पॉलिसी 2024 और बिहार ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी 2026 राज्य में बड़े निवेश, उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार सृजन और बिहार को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण साबित होंगी।


मंत्री ने उद्योग प्रतिनिधियों को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम, निवेश प्रोत्साहन योजनाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों और आधुनिक औद्योगिक एवं डिजिटल बुनियादी ढांचे के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार आईटी एवं आईटीईएस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डीपटेक और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है।


कार्यक्रम में सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने विभिन्न वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण वन-टू-वन बिजनेस मीटिंग्स कीं। इस दौरान Quess Corp के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ रोजगार सृजन, कौशल विकास और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसके अलावा, Adobe, Mercedes-Benz, XLR Partners और Brandscapes Worldwide जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बिहार में डिजिटल निवेश, अनुसंधान एवं नवाचार और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।


बैठकों में सचिव ने बिहार आईटी पॉलिसी 2024 और बिहार ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी 2026 का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया, जिसमें राज्य में उपलब्ध निवेश अवसरों, उद्योग-अनुकूल नीतियों, मजबूत डिजिटल अवसंरचना, कुशल मानव संसाधन और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि बिहार तेजी से एक ऐसे राज्य के रूप में उभर रहा है, जहां उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण, युवा प्रतिभा और सरकार की स्पष्ट नीतिगत प्रतिबद्धता नए निवेश के अवसर प्रदान कर रही है।


उन्होंने यह भी कहा कि बिहार सरकार उद्योग जगत के साथ निरंतर संवाद और साझेदारी की नीति पर विश्वास करती है। राज्य सरकार निवेशकों की आवश्यकताओं के अनुरूप पारदर्शी, सरल, प्रतिस्पर्धी और उद्योग-अनुकूल व्यावसायिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार का तेजी से विकसित हो रहा डिजिटल और औद्योगिक इकोसिस्टम आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय और वैश्विक कंपनियों के लिए नए अवसरों का केंद्र बनेगा।


सम्मेलन के दौरान Quess Corp, Honeywell, Adobe, Mphasis, Oracle, Salesforce, Razorpay, MyGate, NetApp, Trend Micro, Tejas Networks, RuralShores Business Services और Quodeck.ai जैसी कई प्रतिष्ठित कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इन बैठकों में बिहार में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) की स्थापना, आईटी पार्कों का विकास, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, स्टार्टअप इकोसिस्टम, अनुसंधान एवं नवाचार और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में संभावित निवेश और सहयोग पर गंभीर चर्चा हुई।


उद्योग प्रतिनिधियों ने बिहार सरकार की नई औद्योगिक और तकनीकी नीतियों, निवेश प्रोत्साहन उपायों और राज्य में तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल इकोसिस्टम की सराहना की। उन्होंने बिहार की युवा प्रतिभा, तकनीकी क्षमता और उद्योग-अनुकूल नीतियों को भविष्य के निवेश के लिए अत्यंत अनुकूल बताते हुए राज्य के साथ दीर्घकालिक साझेदारी में गहरी रुचि व्यक्त की।


बिहार आईटी इंडस्ट्री मीट 2026 ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि बिहार अब केवल संभावनाओं का राज्य नहीं, बल्कि प्रौद्योगिकी, नवाचार, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और डिजिटल निवेश का तेजी से उभरता राष्ट्रीय केंद्र बन रहा है।