बिजनौर में प्रेम विवाह के चलते जीजा की हत्या, भाइयों ने ट्रेन के आगे धक्का दिया

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक युवती के प्रेम विवाह से नाराज उसके भाइयों ने उसके पति की हत्या कर दी। आरोप है कि उन्होंने उसे चलती ट्रेन के आगे धक्का दे दिया। मृतक गुलशन की पहचान 24 वर्षीय युवक के रूप में हुई है, जो पिछले तीन से चार वर्षों से एक युवती के साथ प्रेम संबंध में था। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जानें इस दिल दहला देने वाली घटना के बारे में और अधिक जानकारी।
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बिजनौर में प्रेम विवाह के चलते जीजा की हत्या, भाइयों ने ट्रेन के आगे धक्का दिया gyanhigyan

बिजनौर में दिल दहला देने वाली घटना

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के स्योहारा थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवती के प्रेम विवाह से नाराज उसके भाइयों ने उसके पति की निर्मम हत्या कर दी। आरोप है कि उन्होंने उसे चलती ट्रेन के सामने धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।


मृतक की पहचान और प्रेम कहानी

मृतक की पहचान 24 वर्षीय गुलशन के रूप में हुई है, जो स्योहारा थाना क्षेत्र के जुझैला गांव का निवासी था। गुलशन का पिछले तीन से चार वर्षों से रहटौली की एक युवती के साथ प्रेम संबंध था। दोनों अलग-अलग जातियों से थे, जिसमें गुलशन दलित समाज से और युवती सैनी बिरादरी से थी। इस रिश्ते को युवती के परिवार ने स्वीकार नहीं किया और लगातार इसका विरोध किया।


कोर्ट मैरिज के बाद का घटनाक्रम

परिवार के विरोध के बावजूद, दोनों ने लगभग पंद्रह दिन पहले कोर्ट मैरिज कर ली थी। शादी के बाद भी युवती अपने मायके में रह रही थी। जब युवती के भाइयों को इस विवाह की जानकारी मिली, तो वे बेहद नाराज हो गए और बदला लेने का फैसला किया।


हत्या की वारदात

30 अप्रैल की रात, गुलशन अपनी पत्नी से मिलने उसके गांव गया था। इसी दौरान युवती के भाई अतर सिंह और पंकज ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि उन्होंने पहले गुलशन की बुरी तरह पिटाई की और फिर उसे पास के महमूदपुर रेलवे ट्रैक तक खींच ले गए।


इसके बाद, उन्होंने गुलशन को सामने से आ रही देहरादून-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के आगे धक्का दे दिया। ट्रेन की चपेट में आने से गुलशन की मौके पर ही मौत हो गई।


आरोपियों का फरार होना

वारदात को छिपाने के लिए आरोपियों ने इसे एक हादसा या आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। उन्होंने शव को रेलवे ट्रैक पर छोड़ दिया, ताकि यह सामान्य दुर्घटना जैसा लगे। लेकिन मृतक के पिता नृपेन्द्र सिंह को हत्या की आशंका थी और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।


इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तुरंत एक टीम गठित की। प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। जांच के बाद, पुलिस ने मुख्य आरोपी अतर सिंह और उसके दो साथियों राहुल सैनी और रजनीश को गिरफ्तार कर लिया।