लखनऊ: बिजनौर में चार मार्च को पिकअप में आग लगाने की घटना की जांच के लिए एजेंसियों ने नई छानबीन शुरू की है। लखनऊ में चार संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद, बिजनौर जैसी घटनाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए सभी जिलों में संदिग्धों की निगरानी बढ़ाने का आदेश दिया गया है। कई गिरोह सक्रिय हैं जो इस तरह की गतिविधियों में शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, बिजनौर में जलाई गई पिकअप का वीडियो टेलीग्राम के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे हैंडलर अबुबकर तक पहुंचा था। उसने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए इसे छोटी घटना बताया और कहा कि और बड़ी घटनाएं करने पर ही रकम मिलेगी। एनआई ने अबुजर से भी पूछताछ की थी। पिकअप में आग लगाने के बाद अबुजर को कोई रकम नहीं दी गई थी।
बिजनौर का अबुजर टेलीग्राम पर एक ग्रुप से जुड़ा था, जिसमें केवल पांच सदस्य थे। इनमें से तीन आरोपी पकड़े गए हैं। ग्रुप के एडमिन सैय्यद की तलाश जारी है। जांच एजेंसियों की नजर उन संदिग्ध आतंकियों पर है जो टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर सक्रिय हैं, जिनसे पाकिस्तानी हैंडलर अबुबकर भी जुड़ा हुआ है।
आतंकी अबू बकर और उसके साथी देश में आतंक फैलाने की योजना बना रहे थे। इसके लिए उन्होंने दिल्ली-एनसीआर और पश्चिम यूपी में कई स्थानों की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की थी। इन स्थानों पर रेकी करने और कार शोरूम में आग लगाने का टास्क दिया गया था। एटीएस ने आरोपियों के मोबाइल की जांच के दौरान इस बात का खुलासा किया है।
एटीएस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपित पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के निर्देश पर संवेदनशील स्थानों की मैपिंग कर रहे थे। उनका इरादा सिलसिलेवार धमाके करने का था। आरोपित कई बार दिल्ली भी गए थे, जहां उन्होंने महत्वपूर्ण कार्यालयों और वीवीआईपी स्थानों की रेकी की थी। इस संबंध में उनसे आगे की पूछताछ की जाएगी।
