बालाघाट में प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत: दुल्हन बनी सविता निकली मास्टरमाइंड
बालाघाट में प्रेम हत्या का मामला
बालाघाट समाचार: एक छह साल पुरानी प्रेम कहानी का अंत इतना भयानक होगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। जिस युवती के लिए तरुण लिल्हारे हर बाधा पार करने को तैयार था, उसी ने अपनी शादी की रात उसके लिए मौत का जाल बिछा दिया। बालाघाट जिले में घटित तरुण हत्याकांड अब एक दिल दहला देने वाली साजिश के रूप में सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में मृतक की कथित प्रेमिका और दुल्हन बनी सविता लिल्हारे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसके अलावा, दो नाबालिग भतीजों को बाल सुधार गृह भेजा गया है। अब इस हत्याकांड में आरोपियों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है.
‘आओ मुझे यहां से भगा ले जाओ’
सूत्रों के अनुसार, खैरलांजी के 23 वर्षीय तरुण लिल्हारे और सविता लिल्हारे के बीच पिछले छह वर्षों से प्रेम संबंध थे। लेकिन परिवार की सहमति न मिलने के कारण सविता की शादी कहीं और तय कर दी गई। 5 मई की रात, जब शादी की रस्में चल रही थीं और सविता दुल्हन के कपड़ों में सजी थी, तब उसकी तरुण से लगातार फोन पर बातचीत हो रही थी। सविता ने तरुण को शादी समारोह में बुलाया और भाग जाने का प्रस्ताव रखा। प्रेम में डूबा तरुण रात करीब 10 बजे घर से निकला, उसे यह नहीं पता था कि वह अपनी प्रेमिका से मिलने जा रहा है, जो उसकी अंतिम मंजिल बन जाएगी.
मंडप से मौत तक का सफर
जब तरुण शादी स्थल पर पहुंचा, तो दुल्हन के भाइयों की नजर उस पर पड़ गई। इसके बाद विवाद बढ़ा और तरुण को मंडप से दूर ले जाया गया। वहां उसकी बेरहमी से पिटाई की गई, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। आश्चर्य की बात यह है कि हत्या के बाद भी शादी की रस्में जारी रहीं। एक ओर तरुण का शव पड़ा था, दूसरी ओर सविता सात फेरे ले रही थी। माहौल शांत होने के बाद शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई.
सड़क हादसा दिखाने की कोशिश
पुलिस जांच में यह सामने आया कि सविता के दो नाबालिग भतीजों ने शव को बाइक पर रखकर गर्राबोड़ी-मुरझड़ मार्ग के पास फेंका। शव को निर्वस्त्र कर सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की गई, ताकि मामला दुर्घटना लगे, लेकिन पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सच्चाई को उजागर कर दिया.
पुलिस ने खोला राज
रामपायली पुलिस ने 8 मई को मामले का खुलासा करते हुए सविता के सगे भाई वेदप्रकाश और हरिप्रकाश लिल्हारे, चचेरे भाई दिलीप और कमलकिशोर लिल्हारे सहित पड़ोसी योगेश वरकड़े को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब 12 मई को मुख्य साजिशकर्ता मानी जा रही सविता लिल्हारे को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। यह प्रेम कहानी अब जिले में चर्चा का विषय बन गई है, जहां प्यार, भरोसा और इंतजार अंततः मौत की साजिश में बदल गया.
