बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत की संभावना

महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को बारामती उपचुनाव में निर्विरोध जीतने की संभावना है, क्योंकि कांग्रेस ने चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया है। अजित पवार का हाल ही में निधन हुआ था, जिससे पार्टी में शोक की लहर है। कांग्रेस ने पहले आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन एनसीपी के दबाव के चलते यह निर्णय बदला गया। इस स्थिति ने बारामती उपचुनाव में कई उम्मीदवारों के नामांकन वापस लेने का कारण बना।
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बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत की संभावना

बारामती उपचुनाव में कांग्रेस का निर्णय

महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी, सुनेत्रा पवार, को कांग्रेस के चुनावी मैदान से हटने के बाद बारामती उपचुनाव में निर्विरोध जीतने की उम्मीद है। कांग्रेस ने अजित पवार के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया। अजित पवार, जो एक अनुभवी राजनेता थे, का निधन 28 जनवरी को बारामती हवाई अड्डे पर उनके चार्टर्ड विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण हुआ।


कांग्रेस का उम्मीदवार बदलने का निर्णय

महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बताया कि पार्टी ने पहले बारामती उपचुनाव के लिए आकाश मोरे को उम्मीदवार के रूप में चुना था, लेकिन एनसीपी नेताओं के दबाव के चलते यह निर्णय बदला गया। सपकाल ने कहा कि हमने आंतरिक चर्चा के बाद यह महसूस किया कि हमारा निर्णय सही था, लेकिन महाराष्ट्र की परंपरा और दबाव को देखते हुए आकाश मोरे को उम्मीदवार नहीं बनाने का निर्णय लिया गया।


अजित पवार का निधन और पार्टी की प्रतिक्रिया

सपकाल ने कहा कि अजित पवार का निधन निश्चित रूप से एक दुखद घटना थी। उन्होंने यह भी बताया कि सुनेत्रा पवार ने उनसे तीन बार संपर्क किया और एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने भी उनसे मुलाकात की। रोहित पवार ने भी कांग्रेस के खिलाफ दिए गए बयान पर खेद व्यक्त किया।


उम्मीदवारों की संख्या में कमी

नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि पर कांग्रेस के रुख को लेकर चल रही अनिश्चितता समाप्त हो गई है। गुरुवार दोपहर 1:45 बजे तक बारामती उपचुनाव के लिए 20 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया था, जबकि प्रारंभ में 55 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। सुप्रिया सुले ने कांग्रेस नेतृत्व से अपील की कि यह कदम अजित पवार को श्रद्धांजलि देने के रूप में देखा जाए।