बाजार में अंगूर की मिठास: एक खतरनाक सच

बाजार में मिलने वाले अंगूर की मिठास अब एक खतरनाक सच बन गई है। किसान फसल को तेजी से बढ़ाने के लिए केमिकल्स का उपयोग कर रहे हैं, जिससे अंगूर में हानिकारक रसायनों की मात्रा बढ़ गई है। यह स्थिति बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है। जानें कैसे इन अंगूरों का सेवन स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है और FSSAI की चेतावनियों के बावजूद इनकी बिक्री कैसे जारी है।
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अंगूर की मिठास का रहस्य

बाजार में अंगूर की मिठास: एक खतरनाक सच


पहले अंगूर खरीदना एक जोखिम भरा काम माना जाता था, क्योंकि अक्सर वे खट्टे निकलते थे। लेकिन अब जो अंगूर मिलते हैं, वे हमेशा मीठे होते हैं। यह बदलाव कैसे आया है, इसके पीछे एक महत्वपूर्ण कारण है।


आजकल, अंगूर की मिठास केवल उनके स्वाद में नहीं, बल्कि उनके अंदर छिपे खतरनाक केमिकल्स में भी है। बाजार में चमकदार काले और हरे अंगूर देखकर मन ललचाता है, लेकिन यह मिठास प्राकृतिक नहीं है। किसानों द्वारा फसल को तेजी से बढ़ाने और कीटों से बचाने के लिए पेस्टिसाइड, फंगीसाइड और ग्रोथ हार्मोन का उपयोग किया जाता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (NIN) की रिपोर्ट के अनुसार, क्लोरपाइरीफॉस, कार्बेंडाजिम और प्रोफेनोफॉस जैसे खतरनाक रसायनों की मात्रा अंगूर में 50 गुना तक अधिक पाई जाती है। इसके अलावा, लेड और आर्सेनिक की मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन की सीमा से 200% अधिक होती है।


ये रसायन अंगूर की पतली छिलके में समा जाते हैं। इसके ऊपर वैक्स की चमकदार परत होती है, जो देखने में आकर्षक लगती है, लेकिन वास्तव में यह जहर छिपाए रखती है। यदि अंगूर को ठीक से धोया नहीं गया, तो उनका सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकता है। साधारण पानी से धोने पर भी कोई लाभ नहीं होता, क्योंकि ये रसायन गहराई तक समाहित हो चुके होते हैं। FSSAI की लैब परीक्षणों में यह पाया गया है कि 80% बाजार में उपलब्ध अंगूर पेस्टिसाइड की सीमा से अधिक दूषित होते हैं। बिना धोए 10-15 अंगूर खाने से शरीर में 0.5 mg क्लोरपाइरीफॉस पहुंच सकता है, जो बच्चों के लिए अत्यंत घातक हो सकता है। इसके सेवन से मुंह में जलन, जीभ में सूजन, उल्टी, चक्कर, पेट दर्द और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक इनका सेवन करने से लीवर और किडनी फेल होने का खतरा भी बढ़ जाता है।


बच्चों के लिए विशेष खतरा
बच्चे और बुजुर्ग इस खतरे के सबसे अधिक शिकार होते हैं। बच्चों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, और 5-6 अंगूर उनके लिए जहर के समान हो सकते हैं। बुजुर्गों की किडनी पहले से ही कमजोर होती है, और एक बार यह जहर शरीर में पहुंचने पर वापसी मुश्किल होती है। FSSAI ने इस संबंध में चेतावनी जारी की है, लेकिन फिर भी बाजार में इनकी बिक्री धड़ल्ले से जारी है। FSSAI ने सलाह दी है कि सर्दियों में अंगूर खरीदने के बाद उन्हें सात बार धोना चाहिए।