बांदा में जेई और पत्नी द्वारा बच्चों का यौन शोषण: कोर्ट ने सुनाई मृत्युदंड
बांदा में भयावह यौन शोषण का मामला
उत्तर प्रदेश के बांदा में एक जेई रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती ने 34 बच्चों का यौन शोषण किया और इन घटनाओं के वीडियो बनाकर उन्हें पोर्न साइटों पर बेचा। उन्होंने अपने घर से जुड़े रिश्तेदारों और सजातीय बच्चों को अपना शिकार बनाया। यहां तक कि नाना-नानी के घर पढ़ाई करने वाले चार भाइयों को भी उन्होंने अपने जाल में फंसाया। पीड़ित बच्चों ने कोर्ट में जो बयान दिए, वे बेहद भयावह थे। बच्चों ने बताया कि रामभवन कभी उनके साथ कुकर्म करता था, तो कभी दुर्गावती उन्हें सेक्स के लिए मजबूर करती थी।
बच्चों ने यह भी बताया कि दुर्गावती उन्हें अच्छा खाना देती थी, जबकि रामभवन पैसे देता था। दोनों ने बच्चों को धमकाया, जिससे वे अपने परिवार को कुछ नहीं बता सके। बांदा की कोर्ट ने हाल ही में रामभवन और दुर्गावती को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
रामभवन और उसकी पत्नी ने जानबूझकर आठ से 16 साल के बच्चों को यौन शोषण का शिकार बनाया। उन्हें पता था कि बच्चे डर और लालच के कारण किसी को नहीं बताएंगे। चित्रकूट में एसडीएम कालोनी और कपसेटी के अलावा, रामभवन ने नरैनी में अपने घर पर भी कई बच्चों के साथ कुकर्म किया। बच्चे ज्यादातर रिश्तेदार या घर से जुड़े थे। चित्रकूट में नाना-नानी के घर रहने वाले बच्चे दूध देने के बहाने जेई के घर आते थे। रामभवन ने चार भाइयों का यौन शोषण किया।
इतना ही नहीं, डर दिखाकर उन्होंने गरीब परिवारों के अन्य बच्चों को भी बुलाया। इस तरह, जेई और उसकी पत्नी ने बच्चों की संख्या बढ़ाई। पीड़ित बच्चों ने गवाही में बताया कि एसडीएम कालोनी के दो कमरों में दोनों ने गलत काम किए। बच्चों को लैपटॉप सिखाने और गेम खेलने के बहाने बुलाते थे। बच्चों के सामने ही दोनों पति-पत्नी गलत कार्य करते थे।
जेई रामभवन ने बच्चों के साथ कुकर्म किया, एक-एक बच्चे के साथ 10 से 12 बार। इस दौरान, दुर्गावती भी बच्चों के साथ संबंध बनाती थी। बच्चों के प्राइवेट पार्ट्स चोटिल होते थे, तो रामभवन उन्हें दवा लगाता था। दुर्गावती बच्चों को अच्छा खाना देती थी, जबकि रामभवन उन्हें पैसे देता था। जिस मकान में वे किराए पर रहते थे, वहां भी उन्होंने अपने भांजे के साथ कुकर्म किया।
