बांग्लादेश में खसरे का संकट: 488 बच्चों की मौत और वैक्सीन की कमी

बांग्लादेश में खसरे की बीमारी ने गंभीर संकट पैदा कर दिया है, जिसमें 488 बच्चों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है, और यूनिसेफ ने वैक्सीन की कमी को इस संकट का मुख्य कारण बताया है। हालात को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने जांच शुरू की है। जानें इस संकट के बारे में और अधिक जानकारी।
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बांग्लादेश में खसरे का संकट: 488 बच्चों की मौत और वैक्सीन की कमी gyanhigyan

बांग्लादेश में खसरे का गंभीर संकट

बांग्लादेश में खसरे की बीमारी ने भयंकर रूप धारण कर लिया है, जिससे देशभर में हाहाकार मचा हुआ है। पिछले तीन महीनों में खसरे के कारण 488 बच्चों की दुखद मौत हो चुकी है। विभिन्न अस्पतालों में 40,000 से अधिक मरीजों को इलाज के लिए भर्ती किया गया है।


स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव

स्वास्थ्य महानिदेशालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में खसरे के लक्षणों से सात और बच्चों की जान गई है। यह खतरनाक प्रकोप देश के 64 जिलों में से 58 में तेजी से फैल चुका है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। चिटगांव क्षेत्र में सबसे अधिक मौतें और संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं.


वैक्सीनेशन में कमी

यूनिसेफ ने इस संकट का मुख्य कारण वैक्सीन की भारी कमी बताया है। एजेंसी ने अंतरिम सरकार को इस मुद्दे पर कई बार चेतावनी दी थी, लेकिन समय पर वैक्सीन का ऑर्डर नहीं दिया गया, जिससे स्थिति बिगड़ गई। यूनिसेफ की प्रतिनिधि राना फ्लावर्स ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय को कई पत्र भेजे थे और इस संकट पर कई बैठकों में चिंता जताई थी, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।


बढ़ते मरीजों की संख्या

हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 15 मार्च से अब तक 59,279 से अधिक संदिग्ध मरीज सामने आए हैं। अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ है, जहां 46,407 संदिग्ध मरीजों को भर्ती किया गया है। हालांकि, 42,336 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं.


सरकार की जांच प्रक्रिया

वर्तमान सरकार ने वैक्सीन की कमी के मामले में एक उच्च स्तरीय जांच शुरू की है। यूनिसेफ ने इस जांच प्रक्रिया में अपने सभी सबूत और सहयोग देने का वादा किया है। यह देखा जा रहा है कि पूर्व सरकार ने वैक्सीन खरीदने में इतनी बड़ी लापरवाही क्यों बरती।