बांकीपुर उपचुनाव में राजग की हार पर जद-यू नेताओं की समीक्षा की आवश्यकता
बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम पर प्रतिक्रिया
पटना, चार अगस्त: बिहार सरकार के मंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख नेता श्रवण कुमार ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों को 'उम्मीदों के विपरीत' करार देते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और उसके सहयोगी दल हार के कारणों की गहन समीक्षा करेंगे। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस चुनाव में जीत हासिल की, जबकि यह सीट भाजपा के लिए एक मजबूत गढ़ मानी जाती थी, जहां पार्टी ने 1995 के बाद से कभी हार नहीं मानी थी।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा में निर्वाचित होने और विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देने के कारण यह सीट रिक्त हुई थी। चुनावी रणनीतिकार किशोर ने 64,151 वोट प्राप्त किए और भाजपा के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19,324 मतों के अंतर से हराया। सिन्हा को अंतिम समय में उम्मीदवार बनाया गया था, जब पूर्व प्रत्याशी अभिषेक 'बंटी' ने पारिवारिक कारणों से अपना नाम वापस ले लिया था।
श्रवण कुमार ने कहा, 'बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम निश्चित रूप से हमारी अपेक्षाओं के विपरीत है। राजग, जद(यू) और अन्य सहयोगी दल इसकी विस्तृत समीक्षा करेंगे। समीक्षा के बाद ही हार के असली कारणों का पता चलेगा।'
जद(यू) विधायक अनंत सिंह ने यह भी कहा कि लोगों में यह धारणा बन गई है कि नीतीश कुमार को जबरन मुख्यमंत्री पद से हटाया गया। उन्होंने कहा, 'यह सही नहीं है, लेकिन लोगों के बीच ऐसी धारणा है कि नीतीश कुमार को जबरन हटाया गया। यह धारणा राजग की हार का एक कारण हो सकती है।'
अनंत सिंह ने यह भी कहा कि जनता ही सर्वोपरि है और वही तय करती है कि चुनाव में कौन जीतेगा और कौन हारेगा।
जद(यू) के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने भी बांकीपुर उपचुनाव में राजग की हार की गहन समीक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नेताओं के साथ-साथ बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से भी चर्चा कर ठोस कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। रजक ने कहा, 'हम जनादेश का सम्मान करते हैं और प्रशांत किशोर को उनकी जीत पर बधाई देते हैं। हमारे लिए जरूरी है कि समीक्षा केवल नेताओं तक सीमित न रहे, बल्कि बांकीपुर के जमीनी कार्यकर्ताओं को भी इसमें शामिल किया जाए।'
उन्होंने यह भी कहा कि राजग ने जनता के विकास के लिए लगातार काम किया है, लेकिन यदि गठबंधन को अपनी स्थिति फिर से मजबूत करनी है तो यह समझना होगा कि लोगों में असंतोष की भावना क्यों पैदा हुई।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इस मामले में कोई बयान नहीं दिया है। हालांकि, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने सोमवार को कहा था, 'हम जनता के फैसले को सिर झुकाकर स्वीकार करते हैं। इस हार से सीख लेंगे। हम अपने विरोधियों की तरह हर चुनावी हार का दोष ईवीएम और निर्वाचन आयोग पर नहीं डालेंगे।'
