बस्तर में सड़क संपर्क सुधार के लिए मुख्यमंत्री का केंद्रीय मंत्री से आग्रह
मुख्यमंत्री का प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर संभाग के कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में विशेष प्रावधान करने की मांग की है। अधिकारियों के अनुसार, यह जानकारी शुक्रवार को साझा की गई। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात के दौरान यह अनुरोध किया।
बैठक में चर्चा
इस बैठक में प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। गृह मंत्री ने बस्तर और राज्य के अन्य क्षेत्रों में ग्रामीण विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति के बारे में केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बस्तर के कई गांव घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित हैं।
क्लस्टर मान्यता का प्रस्ताव
वर्तमान में, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत केवल पांच सौ मीटर की दूरी में स्थित बसाहटों को एक 'क्लस्टर' माना जाता है। इस नीति के कारण बस्तर के कई छोटे और दूरस्थ गांव सड़क संपर्क से वंचित रह जाते हैं। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि अरुणाचल प्रदेश की तरह बस्तर में भी 10 किलोमीटर की दूरी में स्थित बसाहटों को एक 'क्लस्टर' मानने की अनुमति दी जाए, ताकि अधिक गांवों को सड़क संपर्क से जोड़ा जा सके।
विकास की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर निकलकर विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि बेहतर सड़क संपर्क क्षेत्र के निवासियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण साधन बनेगा। सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं हैं, बल्कि विकास, सुरक्षा और समृद्धि की नींव हैं।
केंद्रीय मंत्री का आश्वासन
इसलिए, बस्तर की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दी जानी चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने मुख्यमंत्री के प्रस्ताव को गंभीरता से सुना और इस पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण विकास में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
